बजाज ब्रोकिंग रिसर्च ने 10 जुलाई 2026 को भर्ती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक को ‘खरीदें’ की सिफ़ारिश की है। दोनों शेयरों के लिए लक्ष्य मूल्य, स्टॉप‑लॉस और अनुमानित रिटर्न भी प्रकाशित किए गए हैं। इस सिफ़ारिश के साथ भारतीय शेयर बाजार में निफ़्टी 50 और सेंसेक्स ने हल्का उछाल दिखाया।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- भर्ती एयरटेल: खरीदें ₹1910‑₹1942, लक्ष्य ₹2125, 10% रिटर्न, 6 महीने
- एचडीएफसी बैंक: खरीदें ₹810‑₹830, लक्ष्य ₹910, 11% रिटर्न, 6 महीने
- निफ़्टी 50 और सेंसेक्स में हल्का सुधार, बाजार में व्यापक खरीदारी की प्रवृत्ति
बजाज ब्रोकिंग रिसर्च ने आज के ट्रेडिंग सत्र के लिए दो प्रमुख शेयरों को ‘खरीदें’ के संकेत में रखा। यह सिफ़ारिश तकनीकी चार्ट‑आधारित विश्लेषण पर आधारित है, जिसमें पिछले चार‑महीने के कंसॉलिडेशन रेंज और 12‑हफ्ते के ब्रेकआउट रेंज को प्रमुख मानदंड माना गया है।
भर्ती एयरटेल – ब्रेकआउट के कगार पर
एयरटेल का शेयर मूल्य वर्तमान में ₹1910‑₹1942 की खरीद सीमा में है, जबकि लक्ष्य ₹2125 निर्धारित किया गया है। चार‑महीने के रेंज 1740‑1930 के ऊपर ब्रेकआउट संकेत देता है कि ऊपर की ओर गति जारी रह सकती है। साप्ताहिक चार्ट पर 61.8% फ़िबोनाच्ची रिट्रेसमेंट 1700‑1750 के समर्थन क्षेत्र में मिल रहा है, जो पिछले 9‑महीने के रैली (1559‑2174) का केवल 61.8% रिट्रेसमेंट दर्शाता है – यह कम रिट्रेसमेंट शक्ति का संकेत है।
एचडीएफसी बैंक – तेज़ पुनरुद्धार
एचडीएफसी बैंक के लिए लक्ष्य ₹910 है, खरीद सीमा ₹810‑₹830 तय की गई है। पिछले 12 हफ्तों की 820‑732 रेंज से ब्रेकआउट के बाद शेयर ने केवल चार हफ्तों में पूरी गिरावट को उलट दिया, जो बाजार में तेज़ पुनरुद्धार और अप‑ट्रेंड की पुष्टि करता है। लक्ष्य मूल्य 910, पिछले ब्रेकआउट रेंज का मापदण्ड है और 6 महीने में 11% रिटर्न की संभावना दर्शाता है।
बाजार की समग्र स्थिति
इंडियन बेंचमार्क इंडेक्स, निफ़्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स, गुरुवार को हल्का सुधार दिखा। सेंसेक्स 238 अंक बढ़कर 76,741.82 पर बंद हुआ, जबकि निफ़्टी 50 ने 80.75 अंक की बढ़ोतरी कर 23,962.80 पर समाप्त हुआ। इस उछाल के पीछे व्यापक खरीदारी की प्रवृत्ति और अमेरिकी‑ईरानी सैन्य तनाव के बीच निवेशकों की सतर्कता थी।
भविष्य की संभावनाएँ
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एयरटेल और एचडीएफसी बैंक अपने वर्तमान समर्थन स्तरों को बनाए रखेंगे, तो अगले कुछ महीनों में लक्ष्य मूल्य तक पहुंचना संभव है। साथ ही, विदेशी निवेशकों की रुचि और आयात‑निर्यात संतुलन में सुधार भारतीय इक्विटी बाजार को अतिरिक्त बूस्ट दे सकता है। निवेशकों को स्टॉप‑लॉस को कड़ाई से लागू करने और बाजार की अस्थिरता को देखते हुए पोर्टफ़ोलियो विविधीकरण पर ध्यान देना चाहिए।