एल्युरु जिला पुलिस ने बैंक ऑफ़ बड़ौदा के जंगरेड्डीगुड़ेम शाखा में 10 करोड़ रुपये की जौहरी चोरी के केस में एक सोने के मूल्यांकनकर्ता को गिरफ्तार किया। 176 गोल्ड लोन खातों में वास्तविक आभूषण को नकली से बदलने की साजिश उजागर हुई, जबकि 4.120 किग्रा सोने के आभूषण और 10 लाख रुपये की नकद बरामद हुई।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • बैंक ऑफ़ बड़ौदा की जंगरेड्डीगुड़ेम शाखा में 10 करोड़ रुपये की जौहरी चोरी की साजिश उजागर
  • संदेहित मूल्यांकनकर्ता ने 176 गोल्ड लोन खातों में वास्तविक जौहरी को नकली से बदल दिया
  • पुलिस ने 4.120 किग्रा सोने के आभूषण और 10 लाख रुपये की नकद बरामद की

एलुरु जिले के सुपरिंटेंडेंट ऑफ़ पुलिस के. प्रताप शिवकिशोर ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बैंक ऑफ़ बड़ौदा की जंगरेड्डीगुड़ेम शाखा में हुए विशाल जौहरी चोरी के मामले में मुख्य आरोपी, सोने के मूल्यांकनकर्ता चलापाका राजू, को गिरफ्तार किया गया है।

घटना की रूपरेखा

जांच के अनुसार, राजू ने ग्राहकों द्वारा गोल्ड लोन के तहत गिरवी रखी गई असली जौहरी को समान दिखने वाले नकली आभूषणों से बदल दिया, जिससे बैंक को बड़े पैमाने पर वित्तीय नुकसान हुआ। यह धोखाधड़ी 176 अलग-अलग लोन खातों में फैली थी, जिससे लगभग 10 करोड़ रुपये मूल्य की सोने की जौहरी चोरी हुई।

पुलिस की कार्रवाई और बरामद सामग्री

जंगरेड्डीगुड़ेम पुलिस ने 4.120 किलोग्राम सोने के आभूषण, जिनकी कीमत लगभग 5.81 करोड़ रुपये है, तथा 10 लाख रुपये की नकद बरामद की। साथ ही, आरोपी पर 6.449 किलोग्राम सोने के आभूषणों के चोरी के आरोप भी लगाए गए, जिन्हें वह विभिन्न जौहरी दुकानों में बेच रहा था।

भविष्य की जांच

पुलिस ने बताया कि अभी भी इस साजिश में अन्य सहयोगियों की भूमिका की जाँच जारी है। विस्तृत जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि इस अपराध में कितने लोग शामिल थे और कितनी राशि बैंक को वापस की जा सकती है।

प्रभाव और प्रतिक्रिया

यह मामला न केवल बैंकिंग सुरक्षा के मुद्दे को उजागर करता है, बल्कि ग्राहकों के भरोसे को भी प्रभावित करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक को अपनी गोल्ड लोन प्रक्रियाओं में अतिरिक्त सत्यापन तंत्र अपनाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी ही चोरी को रोका जा सके।