नया कर नियम घर के किराए पर मिलने वाले आय पर भी होम लोन ब्याज की पूरी कटौती की अनुमति देता है, लेकिन नुकसान की सेट‑ऑफ में बदलाव आया है। यह लेख नई व्यवस्था के प्रमुख बिंदुओं और आम गलतियों को स्पष्ट करता है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • किराए के घर पर होम लोन की पूरी ब्याज कटौती अब भी उपलब्ध है
  • नए कर नियम में नुकसान को अन्य आय में सेट‑ऑफ नहीं किया जा सकता
  • स्व-व्यवहृत घरों में ब्याज कटौती पर सीमा लागू रहती है

आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अवधि में करदाताओं के लिए होम लोन की टैक्स लाभ समझना पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। विशेषकर जब घर किराए पर दिया गया हो और लोन अभी भी चल रहा हो, तो नई कर व्यवस्था (Income‑Tax Act, 2025) के तहत किन रियायतों का दावा किया जा सकता है, यह स्पष्ट होना चाहिए।

किराए के घर पर ब्याज कटौती का मूल नियम

नए और पुराने दोनों कर व्यवस्थाओं में धारा 24(b) के तहत किराए के घर पर ली गई होम लोन ब्याज की पूरी राशि को घटाया जा सकता है, चाहे वह 2 लाख रुपये तक सीमित हो या नहीं। इस कटौती के अलावा, किरायेदार को नगरपालिका कर, शुद्ध वार्षिक मूल्य (NAV) पर 30% मानक कटौती, तथा अन्य अनुमत खर्चों को भी घटाने का अधिकार है।

नए नियम में नुकसान (Loss) का नया उपचार

मुख्य अंतर तब आता है जब लोन की ब्याज और मानक कटौतियां किराए की आय से अधिक हो जाती हैं। पुरानी व्यवस्था में यह नुकसान अधिकतम 2 लाख रुपये तक वेतन, व्यापार या अन्य आय के साथ समायोजित किया जा सकता था, जिससे तत्काल कर बचत होती थी। नई व्यवस्था में ऐसा कोई क्रॉस‑हेड सेट‑ऑफ नहीं है; नुकसान को केवल ‘हाउस प्रॉपर्टी’ के तहत ही रखा जाता है और अगले वित्तीय वर्ष में ले जाया जा सकता है। यह परिवर्तन करदाताओं के नकद प्रवाह और दीर्घकालिक योजना को प्रभावित कर सकता है।

स्व‑व्यवहृत बनाम किराए के घर में अंतर

स्व‑व्यवहृत (self‑occupied) संपत्तियों के लिए नई व्यवस्था में होम लोन ब्याज की कोई कटौती नहीं दी गई है, जबकि पुरानी व्यवस्था में 2 लाख रुपये तक की सीमा थी। किराए के घरों के लिए ब्याज की पूरी कटौती बनी रहती है, पर नुकसान के उपचार में बदलाव से सावधानी बरतनी होगी।

आम गलतियों से बचें

कई करदाता नई व्यवस्था में प्रवेश करने के बाद दो प्रमुख त्रुटियां करते हैं: (i) मूलधन (principal) की राशि को कटौती के रूप में दावा करना, जबकि सेक्शन 80C अब लागू नहीं है; (ii) संयुक्त मालिकों में से केवल एक के नाम पर पूरी ब्याज कटौती लेना, जबकि प्रत्येक सह‑मालिक को अपने‑अपने हिस्से के अनुसार दावा करना चाहिए। इन त्रुटियों से अतिरिक्त कर देनदारी और संभावित दंड लग सकते हैं।

सारांश में, किराए के घर पर होम लोन की ब्याज कटौती अभी भी उपलब्ध है, पर नए नियम में नुकसान के सेट‑ऑफ की सीमा को समझना और सही दस्तावेज़ीकरण करना अनिवार्य है। कर योजना बनाते समय वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना फायदेमंद रहेगा।