राज्य व्यापार सुधार कार्य योजना (SBRAP) के तहत केरल सरकार ने जिला उद्योग केंद्रों को एकल संपर्क बिंदु बनाने का नया कदम उठाया है। इस पहल में 219 सुधार बिंदुओं के साथ डिजिटल सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे निवेशकों और स्टार्ट‑अप्स को तेज़ परमीट और निरीक्षण सुविधा मिलेगी।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • केरल में जिला उद्योग केंद्रों को एकल संपर्क बिंदु बनाया जाएगा
  • 219 सुधार बिंदुओं के साथ 80 ऑनलाइन सेवाएँ लॉन्च होंगी
  • डिजिटल निरीक्षण और KYC प्रणाली से प्रक्रिया को 24 घंटे में पूरा किया जाएगा

केरल राज्य सरकार ने राज्य व्यापार सुधार कार्य योजना (State Business Reform Action Plan – SBRAP) के भाग के रूप में जिला उद्योग केंद्रों (District Industries Centres – DIC) को एक‑स्टॉप संपर्क बिंदु बनाने का निर्णय लिया है। यह पहल 2014 से केंद्र सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार (DPIIT) द्वारा लागू की जा रही व्यापक योजना का स्थानीय स्तर पर नया चरण है, जिसका मुख्य उद्देश्य ‘Ease of Doing Business’ को बढ़ावा देना है।

पृष्ठभूमि और योजना का विस्तार

SBRAP ने अब तक 74 राज्य‑स्तरीय सुधार बिंदुओं को अपनाया था, जबकि इस वर्ष के लिए नया जिला‑स्तरीय योजना 219 विशिष्ट सुधार बिंदुओं को शामिल करती है। केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम (KSIDC) इस योजना के समन्वयन तथा कार्यान्वयन की जिम्मेदारी ले रहा है। इस विस्तार में निर्माण परमिट, फायर विभाग की नो‑ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मंजूरी और कानूनी मीट्रोलॉजी निरीक्षण जैसे जटिल प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए डिजिटल समाधान प्रस्तुत किए गए हैं।

डिजिटल सेवाएँ और एकीकृत मंच

कुल 80 सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा। एक मानकीकृत डिजिटल निरीक्षण प्रणाली के तहत परमिट, शिकायत, निरीक्षण और नवीनीकरण सभी प्रक्रियाएँ एक ही पोर्टल से संचालित होंगी, जिससे अंतिम रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन उपलब्ध होगी। जोखिम‑आधारित थर्ड‑पार्टी निरीक्षण का विकल्प भी पेश किया जाएगा, जबकि सभी उद्योगों के लिए पैन‑आधारित सिंगल‑साइन‑ऑन (SSO) प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही, सभी विभागों के लिए एकीकृत केवाईसी (KYC) प्रणाली स्थापित की जाएगी, जिससे दोहराव वाली जानकारी की आवश्यकता समाप्त होगी।

डैशबोर्ड और पारदर्शिता

एक पारदर्शी डैशबोर्ड प्रणाली को लागू किया जाएगा, जो नई औद्योगिक पहलों के परमिट स्थिति, निरीक्षण परिणाम और अनुपालन आँकड़े रीयल‑टाइम में प्रस्तुत करेगी। SBRAP के तहत उद्योग‑संबंधी आपराधिक धारा और नियमों की पुनर्समीक्षा भी की जाएगी, जिससे निवेशकों को कानूनी जटिलताओं से बचाया जा सके।

संभावित प्रभाव और चुनौतियाँ

यदि योजना सफलतापूर्वक लागू हो जाती है, तो केरल में निवेशकों को प्रारंभिक प्रक्रियाओं में कमी, तेज़ लाइसेंसिंग और अधिक पारदर्शी प्रशासनिक समर्थन मिलेगा। हालांकि, स्थानीय प्रशासन की तकनीकी क्षमता, डेटा सुरक्षा और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय इस मॉडल की सफलता के प्रमुख कारक बने रहेंगे।