भारतीय रेलवे में चार साल में 1.27 करोड़ लिनन आइटम चोरी हुए। इस समस्या के समाधान के लिए मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 52 सुधारों के दायरे में तुरंत कार्यवाही का निर्देश दिया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • चार साल में 1.27 करोड़ लिनन आइटम की चोरी
  • रेलवे मंत्री ने 52 सुधारों के तहत तुरंत समाधान माँगा
  • आरपीएफ को गिरफ्तार करने की शक्ति देने सहित कई विकल्पों पर विचार

भारतीय रेलवे ने हाल ही में एसी कोच में लिनन चोरी की बढ़ती समस्या का सामना किया है, जहाँ 2022 से 2026 के बीच अनुमानित 1.27 करोड़ बिस्तर‑रोल (लीनन) की चोरी दर्ज की गई है। यह आंकड़ा भारतीय एक्सप्रेस के एक रिपोर्ट के बाद सार्वजनिक हुआ, जिसके बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने तत्काल सुधारों की माँग की।

पिछले चार वर्षों का डेटा और उसका प्रभाव

रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2022 में कोविड‑19 के बाद बिस्तर‑रोल की पूरी सेवा पुनः शुरू हुई, और तब से हर महीने औसत 30‑35 लाख आइटम चोरी हुए। यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि कोच अटेंडेंटों की वेतन में कटौती का कारण भी बना है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल घट रहा है। कुल मिलाकर, चार वर्षों में बिस्तर‑रोल ठेकेदारों को लगभग ₹104.51 करोड़ का नुकसान हुआ।

रेलवे की प्रतिक्रिया और संभावित उपाय

पर्यवेक्षक ने बताया कि अब तक 69 जिलों में आवेदन भेजे गए, जिनमें 54 जिलों ने जवाब दिया। डेटा से पता चला कि सात ज़ोन के 10 विभागों ने कुल चोरी का 67 % हिस्सा किया है। इस आधार पर, रेलवे कई विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिनमें रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) को चोरी करने वालों को गिरफ्तार करने की शक्ति देना शामिल है। इसके अलावा, आरपीएफ को संदिग्ध यात्रियों के सामान की जाँच करने का अधिकार भी दिया जा सकता है।

कानूनी ढांचा और पहले के उपाय

रेलवे प्रॉपर्टी (अनधिकृत कब्जा) अधिनियम के तहत लिनन चोरी एक गैर‑जमानती अपराध है। 2015 में रेलवे बोर्ड ने पहले ही बिस्तर‑रोल कर्मियों को यात्रियों से अनुरोध करने का निर्देश दिया था कि वे उपयोग किए गए लिनन को डिपोर्ड करने से कम से कम 30 मिनट पहले सौंपें। साथ ही, बार‑बार डिफॉल्ट करने वाले यात्रियों के खिलाफ चेतावनी, प्रशिक्षण और दंडात्मक कार्रवाई को लागू किया गया था।

आगे का रोडमैप

वर्तमान में, मुख्य उपाय में बिस्तर‑रोल अटेंडेंटों को सतर्क रहने, लिनन की निकटता से निगरानी, और समय पर संग्रह सुनिश्चित करना शामिल है। लेकिन मंत्री ने कहा कि यह समस्या जटिल है और इसे निरोधक बनाने के लिए व्यापक परामर्श आवश्यक है। “हमें ऐसा कदम उठाना होगा जिससे चोरी करने का प्रलोभन कम हो,” वैष्णव ने कहा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि 52 सुधारों के तहत संरचनात्मक बदलाव जल्द ही लागू किए जाएंगे।