अंध्र प्रदेश की हैंडलूम व टेक्सटाइल कमिश्नर के मार्गदर्शन में दो बड़े MoU पर हस्ताक्षर हुए, जिससे राज्य को 4,100 करोड़ रुपये का वस्त्र निवेश मिला। यह कदम राज्य की निर्यात क्षमता और रोजगार सृजन को तेज़ करेगा।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • अंध्र प्रदेश ने 4,100 करोड़ रुपये के दो बड़े वस्त्र प्रोजेक्ट्स के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए
  • विजयनगर में 4,000 करोड़ रुपये की सतत वस्त्र रीसाइकलिंग सुविधा की योजना
  • 100 करोड़ रुपये निवेश वाला गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट 3,000 नौकरियों का सृजन करेगा

न्यू दिल्ली के भारत मंडाप में आयोजित ‘भारत टेक्स 2026’ कार्यक्रम के दूसरे दिन, अंध्र प्रदेश ने दो महत्वपूर्ण समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए, जो कुल मिलाकर 4,100 करोड़ रुपये के निवेश को सुनिश्चित करते हैं। यह पहल अंध्र प्रदेश के हैंडलूम और टेक्सटाइल कमिश्नर के. रेखा रानी के नेतृत्व में हुई, जिसका उद्देश्य राज्य के वस्त्र उद्योग को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।

सतत रीसाइकलिंग सुविधा – विजयनगर

पहला MoU विजयनगर में एक सतत वस्त्र रीसाइकलिंग प्लांट स्थापित करने के लिए है, जिसकी अनुमानित लागत 4,000 करोड़ रुपये है। इस सुविधा से न केवल परिपत्र अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, बल्कि कचरे को कम करके पर्यावरणीय प्रभाव को घटाया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में वस्त्र रीसाइकलिंग का बाजार अभी शुरुआती चरण में है, और इस निवेश से अंध्र प्रदेश इस क्षेत्र में अग्रणी बन सकता है।

गारमेंट निर्माण इकाई – 100 करोड़ रुपये निवेश

दूसरा MoU 100 करोड़ रुपये के निवेश से एक गारमेंट निर्माण यूनिट स्थापित करने के लिए है, जो लगभग 3,000 सीधे और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करेगा। यह इकाई स्थानीय कुटीर उद्योगों को बड़े बाजारों में जोड़ने, ब्रांडिंग और निर्यात क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करेगी। राज्य के 15,000 से अधिक वस्त्र MSMEs और 140 बड़े इकाइयों को इस नई सुविधा से अतिरिक्त बुनियादी ढांचा और तकनीकी समर्थन मिलेगा।

राज्य की व्यापक रणनीति

अंध्र प्रदेश ने पहले ही अपने वस्त्र उत्पादन में उल्लेखनीय प्रगति की है – सिल्क उत्पादन में दूसरा स्थान, कॉटन में छठा, और जूट में सातवाँ। 35,000 पावर लूम, 140 बड़े इकाइयों, और 15,000 MSMEs के साथ, राज्य की निर्यात आय लगभग 444 मिलियन डॉलर है। ‘भारत टेक्स 2026’ में इस पवाइलन को प्रदर्शित करने से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों का ध्यान आकर्षित होगा, विशेषकर यू.एस. में भारतीय डायस्पोरा के बढ़ते मांग को देखते हुए।

भविष्य की संभावनाएँ

राज्य के उद्योग विशेषज्ञ व राजनैतिक प्रतिनिधि, जैसे राज्यसभा सदस्य वी. विजयेंद्र प्रसाद, ने कहा कि वर्चुअल रियलिटी (VR) जैसी उभरती तकनीकों को अपनाकर कारीगरों को सीधे वैश्विक खरीदारों से जोड़ना आवश्यक है। यह न केवल मूल्य सृजन करेगा, बल्कि अंध्र प्रदेश को विश्व स्तर पर एक प्रमुख हैंडलूम और वस्त्र निर्यात हब के रूप में स्थापित करेगा।