भारतीय कपास महासंघ (ICF) 21 और 22 अगस्त को कोयंबटूर में सातवां अखिल भारतीय कपास सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है। इस वैश्विक कार्यक्रम में कपास की स्थिरता और भविष्य की मांग पर चर्चा होगी।

मुख्य बातें

  • 7वां अखिल भारतीय कपास सम्मेलन 21-22 अगस्त को कोयंबटूर में होगा।
  • थीम: 'कपास - भविष्य का टिकाऊ फाइबर'।
  • अमेरिका, ब्रिटेन, मिस्र और मलेशिया जैसे देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
  • मुख्य अतिथि: ललित कुमार गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, भारतीय कपास निगम (CCI)।

कोयंबटूर: भारतीय कपास महासंघ (ICF), बठिंडा स्थित ICAL के सहयोग से, आगामी 21 और 22 अगस्त को कोयंबटूर में अपना सातवां अखिल भारतीय कपास सम्मेलन आयोजित करने के लिए तैयार है। यह द्वि-वार्षिक आयोजन कपास उद्योग के प्रमुख हितधारकों को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

ICF के अध्यक्ष जे. थुलासिधरन और सचिव निशांत अशेर ने मीडिया को बताया कि इस दो दिवसीय कार्यक्रम में लगभग 500 प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। इस वर्ष के सम्मेलन का मुख्य विषय "कपास - भविष्य का टिकाऊ फाइबर" रखा गया है, जिसके तहत वर्तमान मांग, बाजार के रुझान, उत्पादन और कपास से संबंधित पर्यावरणीय चुनौतियों पर गहन चर्चा की जाएगी।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि वैश्विक कपड़ा बाजार अब केवल कच्चे माल की तलाश में नहीं है, बल्कि वह ऐसे फाइबर की मांग कर रहा है जो पर्यावरण के अनुकूल और पूरी तरह से ट्रैसेबल (traceable) हो। यह सम्मेलन कपास को एक बुनियादी कच्चे माल से बदलकर एक मूल्यवर्धित और टिकाऊ फाइबर के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कपास अब केवल एक बुनियादी कच्चा माल नहीं रह गया है, बल्कि यह एक मूल्यवर्धित, ट्रैसेबल और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार फाइबर के रूप में उभर रहा है।

इस वैश्विक आयोजन में केवल भारतीय ही नहीं, बल्कि अमेरिका, ब्रिटेन, मिस्र और मलेशिया के विशेषज्ञ भी भाग लेंगे। सम्मेलन में किसान, जिनर्स, एजेंट, व्यापारी, कपड़ा निर्माता, वैश्विक कपास विशेषज्ञ और नीति निर्माता शामिल होंगे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

कपास उद्योग भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रहा है। समय के साथ, उत्पादन के तरीकों में बदलाव आया है और अब ध्यान 'सस्टेनेबल फार्मिंग' और 'सर्कुलर इकोनॉमी' पर केंद्रित हो गया है। ICF द्वारा आयोजित यह सम्मेलन इन बदलावों को अपनाने के लिए एक रोडमैप प्रदान करता है।

क्या आप जानते हैं?: कपास को 'सफेद सोना' भी कहा जाता है क्योंकि यह दुनिया भर में कपड़ा उद्योग के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक फाइबर है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: यह सम्मेलन कब और कहाँ आयोजित हो रहा है?
उत्तर: यह सम्मेलन 21 और 22 अगस्त को तमिलनाडु के कोयंबटूर में आयोजित किया जाएगा।

प्रश्न 2: इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को कपास के बाजार रुझानों, उत्पादन और स्थिरता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करना है।