दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र से दो इंटीग्रेटेड BSc‑MSc कोर्स और BTech छात्रों के लिए इकोनॉमिक्स डबल मेजर ट्रैक शुरू किया। यह कदम इंटरडिसिप्लिनरी शिक्षा को बढ़ावा देने और उद्योग‑संबंधित कौशल को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- DTU ने डेटा साइंस और एप्प्लाइड स्टैटिस्टिक्स में इंटीग्रेटेड BSc‑MSc कार्यक्रम शुरू किए।
- BTech छात्रों के लिए इकोनॉमिक्स डबल मेजर ट्रैक पेश किया गया, जिसमें AI‑आधारित आर्थिक विश्लेषण शामिल है।
- अमेरिका के University of Houston के साथ 4‑1 तेज़ BTech‑MS सहयोग भी घोषित किया गया।
दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) ने अपने 85 वर्ष पूर्णता समारोह में कई नई शैक्षणिक पहलें घोषित कीं, जो भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के साथ संरेखित हैं। 2026‑27 शैक्षणिक वर्ष से शुरू होने वाले दो इंटीग्रेटेड BSc‑MSc कार्यक्रम—डेटा साइंस और एप्प्लाइड स्टैटिस्टिक्स—छात्रों को स्नातक स्तर पर ही उन्नत विश्लेषणात्मक कौशल प्रदान करेंगे। यह पहल विशेष रूप से बिग डेटा, मशीन लर्निंग और सांख्यिकीय मॉडलिंग के बढ़ते व्यापारिक मांग को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
इकोनॉमिक्स डबल मेजर ट्रैक का परिचय
DTU ने BTech छात्रों के लिए एक डबल मेजर ट्रैक पेश किया है, जिसमें नेटवर्क इकोनॉमिक्स, प्लेटफ़ॉर्म इकोनॉमिक्स, AI इकोनॉमिक्स, गेम थ्योरी, मैकेनिज़्म डिज़ाइन, मशीन लर्निंग फॉर इकोनॉमिक्स और हाई‑फ़्रीक्वेंसी ट्रेडिंग जैसी कोर्सेज़ शामिल हैं। यह कोर्स इंजीनियरिंग स्नातकों को आर्थिक विश्लेषण और नीति निर्माण की क्षमता से सशक्त बनाता है, जिससे वे टेक‑ड्रिवन स्टार्ट‑अप और बड़े उद्योगों दोनों में मूल्यवान योगदान दे सकें।
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और तेज़ BTech‑MS कार्यक्रम
विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए DTU ने University of Houston (US) के साथ 4‑1 Accelerated BTech‑MS कार्यक्रम लॉन्च किया है। इस मॉडल के तहत योग्य छात्र DTU में BTech पूरा करके सीधे Houston विश्वविद्यालय में MS की डिग्री प्राप्त कर सकते हैं, जिससे अंतर्राष्ट्रीय मान्यता और शोध‑संबंधी अवसरों में वृद्धि होगी।
उद्योग‑आधारित माइक्रो‑क्रेडेंशियल और प्रमाणपत्र
विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय संस्थानों और प्रमुख कंपनियों—जैसे National Institute of Solar Energy, Siemens, ANSYS‑Synopsys और Wadhwani Foundation—के साथ मिलकर माइक्रो‑क्रेडेंशियल कार्यक्रम स्थापित किए हैं। इनमें नवीकरणीय ऊर्जा, सेमीकंडक्टर डिजाइन, रेलवे सिग्नलिंग, बायोटेक्नोलॉजी और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में प्रमाणपत्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, कक्षा 9 से शुरू होने वाले छात्रों के लिए 6‑सप्ताह का Applied AI, Data Analytics और Entrepreneurship प्रमाणपत्र कोर्स भी प्रस्तुत किया गया है।
शोध एवं पेटेंट में प्रगति
DTU ने इस वर्ष लगभग 40 पेटेंट सुरक्षित किए हैं और ANRF, MeitY, DRDO, ISRO तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय जैसे प्रमुख एजेंसियों से अनुसंधान निधि प्राप्त की है। नई फैकल्टी समर्थन योजनाएँ—जैसे Young Faculty Grant और Equipment Matching Grant—शोध संस्कृति को सुदृढ़ करने के लिए लागू की गई हैं।
इन सभी पहलों से यह स्पष्ट है कि DTU न केवल शैक्षणिक स्तर पर नवाचार कर रहा है, बल्कि भारत की आत्मनिर्भर और विकसित अर्थव्यवस्था की दिशा में भी सक्रिय योगदान दे रहा है।