ताज़ा निर्णय के बाद, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने 'जना नायकन' को 'ए' रेटिंग दी, जिससे फिल्म की लंबे समय से चल रही सर्टिफिकेशन विवाद समाप्त हुआ। निर्माता के अनुसार, फिल्म 24 जुलाई को विश्वभर में रिलीज़ होगी, जिससे विज़य के प्रशंसकों को अंततः सिनेमा में देखने का मौका मिलेगा।
तामिल सिनेमाई दिग्गज विजय की आख़िरी फ़िल्म ‘जना नायकन’ को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने आधिकारिक तौर पर ‘ए’ रेटिंग दी, जिससे लंबे समय से चली आ रही सर्टिफिकेशन विवाद का अंत हुआ। यह निर्णय, जो महीनों की कानूनी लड़ाइयों और सार्वजनिक बहस के बाद आया, विज़य के प्रशंसकों के लिए राहत की खबर है।
सर्टिफिकेशन की लंबी यात्रा
फ़िल्म को 19 दिसंबर 2025 को CBFC के समक्ष जमा किया गया था, लेकिन जाँच समिति ने कई संशोधनों की मांग की। संशोधन करने के बावजूद, फ़िल्म कई महीनों तक सर्टिफिकेशन लम्बी में फँसी रही। इस देरी से न केवल फ़िल्म की रिलीज़ तिथि पर असर पड़ा, बल्कि तामिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य पर भी सवाल उठे, क्योंकि विज़य आगामी मुख्यमंत्री पद के लिए चुनाव लड़ रहे थे।
पाइरेसी का झटका
सर्टिफिकेशन के दौरान, अप्रैल में एक अनफ़िनिश्ड हाई‑डेफ़िनिशन संस्करण ऑनलाइन लीक हो गया। पुलिस ने इस घटना की जाँच शुरू की और कई गिरफ्तारियाँ हुईं, जिनमें एक फ्रीलांस फ़िल्म एडिटर भी शामिल था। अदालत को बताया गया कि यह लीक लगभग 1.2 करोड़ बार देखा गया था, इससे पहले कि अधिकारियों ने पहुँच को ब्लॉक कर दिया।
कानूनी कदम और अदालत का निर्णय
निर्माता क्यूवीएन प्रोडक्शन ने उच्च न्यायालय के समक्ष दायर की गई याचिका के माध्यम से सर्टिफिकेशन के अवरोध को समाप्त करने का प्रयास किया। याचिका के बावजूद, फ़िल्म की रिलीज़ को लेकर अनिश्चितता बनी रही। अंततः, 9 जुलाई 2026 को CBFC ने ‘ए’ रेटिंग जारी की, जिससे फ़िल्म को रिलीज़ के लिए तैयार किया गया।
रिलीज़ और वैश्विक प्रक्षेपण
निर्माता सुरीथ मोहन ने घोषणा की कि फ़िल्म 24 जुलाई को विश्वभर में रिलीज़ होगी। क्यूवीएन प्रोडक्शन ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय वितरकों को सूचित कर दिया था, जिससे वे स्क्रीन बुकिंग की तैयारी कर सकें। कैनेडियन सिनेमा चेन यॉर्क सिनेमा ने भी 24 जुलाई को रिलीज़ की पुष्टि कर दी, जो फ़िल्म के वैश्विक विपणन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
राजनीतिक प्रभाव
यह फ़िल्म, जिसे विजय के राजनीतिक करियर से पहले की आख़िरी फ़िल्म माना जाता है, अब उनकी मुख्यमंत्री पद पर नियुक्ति के बाद रिलीज़ होगी। इस समय के आसपास फ़िल्म की रिलीज़ से राजनैतिक और सांस्कृतिक दोनों ही स्तर पर चर्चा बढ़ेगी, क्योंकि यह फ़िल्म एक समय में फ़िल्मी और राजनीतिक दोनों ही दुनियाओं के बीच पुल के रूप में कार्य करेगी।