साल 2026 की शुरुआत से रूसी तेल और गैस संयंत्रों पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों में 11 गुना की भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल है और भारत के लिए नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं।
साल 2026 की शुरुआत से ही यूक्रेन ने रूस के खिलाफ अपनी सैन्य रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। यूक्रेनी ड्रोनों ने रूसी तेल और गैस बुनियादी ढांचे पर कम से कम 194 बार हमले किए हैं, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 11 गुना अधिक है। इस आक्रामक रणनीति का मुख्य उद्देश्य रूस के आर्थिक तंत्र को कमजोर करना और उसके युद्ध वित्तपोषण को रोकना है। इन हमलों ने सीधे तौर पर रूस के सबसे महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत पर प्रहार किया है।
वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर
इन लगातार हमलों ने रूसी रिफाइनरियों की परिचालन क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। रूस, जो दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातकों में से एक है, अब अपनी रिफाइनिंग क्षमता में भारी गिरावट का सामना कर रहा है। कई प्रमुख रिफाइनरियों में काम ठप होने से न केवल रूस के भीतर ईंधन की कमी का खतरा पैदा हो गया है, बल्कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भी अस्थिरता आ गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह सिलसिला जारी रहा तो आने वाले महीनों में वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट गहरा सकता है।
भारत के लिए क्या हैं इसके मायने?
साल 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से भारत रूसी कच्चे तेल का एक बड़ा खरीदार बनकर उभरा है। रियायती दरों पर रूसी तेल खरीदकर भारतीय रिफाइनरियों ने देश में मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखने और अपने मुनाफे को बढ़ाने में सफलता पाई थी। लेकिन रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर मंडराते इस नए संकट ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं। रूसी रिफाइनरियों पर बढ़ते हमलों के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे भारत को मिलने वाला डिस्काउंट भी कम हो सकता है।
आर्थिक और रणनीतिक चुनौतियां
यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो भारत का आयात बिल तेजी से बढ़ेगा। इससे देश के चालू खाता घाटे (CAD) पर दबाव पड़ेगा और घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा। इस भू-राजनीतिक तनाव के बीच, भारत को अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बार फिर पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) और अमेरिका जैसे पारंपरिक सहयोगियों की ओर रुख करना पड़ सकता है।