अमेरिकी न्याय विभाग ने लारेंस बिश्नोई को भारतीय सिनेमा और संगीत जगत के प्रमुख व्यक्तियों पर हिंसक हमलों के लिए औपचारिक आरोप लगाए हैं। यह कार्रवाई भारत‑कनाडा‑अमेरिका के बीच संगठित अपराध के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को उजागर करती है।

संयुक्त राज्य न्याय विभाग (DoJ) ने एक विस्तृत अभियोग दायर किया है, जिसमें लारेंस बिश्नोई और उसके बिश्नोई संगठित अपराध समूह (OCG) को कई हाई‑प्रोफ़ाइल हिंसक घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। इस समूह ने भारतीय सिनेमा, संगीत और राजनीति के प्रमुख व्यक्तियों को लक्षित किया, जिसमें अभिनेता सलमान खान, पंजाबी गायक‑अभिनेता गिप्पी ग्रेवाल और प्रसिद्ध पंजाबी गायक‑राजनीतिज्ञ सिधु मूसेवाला शामिल हैं।

अभियोग के मुख्य बिंदु

अभियोग में कहा गया है कि 2022 से 2026 के बीच बिश्नोई ने कई बार सलमान खान को मारने की धमकी दी, जिसका कारण 1998 के काली बक्कर शिकार मामले में उसके खिलाफ चल रहे मामले को लेकर था। अप्रैल 2024 में सलमान खान के घर पर हुई गोलीबारी और उनके फिल्म सेट पर सुरक्षा उल्लंघन को इस समूह की ओर संदेह किया गया है।

इसी तरह, नवंबर 2023 में कनाडा के वैंकूवर में गिप्पी ग्रेवाल के निवास स्थान के बाहर गोलीबारी की घटना को बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर “कोई हमें बचा नहीं सकता” कहकर स्वीकार किया। इस पोस्ट को पंजाबी में लिखा गया था, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यह वही गिप्पी ग्रेवाल था।

सिधु मूसेवाला की हत्या में भूमिका

बिश्नोई समूह ने मई 2022 में पंजाब के मानसा जिले के जावाहरके गाँव में सिधु मूसेवाला (शुभदीप सिंह सिद्धु) की हत्या का आदेश देने का भी दावा किया। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि इस हत्या को लेकर समूह ने एक मीडिया इंटरव्यू में अपना दायित्व स्वीकार किया था। यह घटना भारतीय संगीत और राजनीति दोनों को झकझोरने वाली थी, क्योंकि सिधु एक लोकप्रिय गायक और कांग्रेस पार्टी के सक्रिय सदस्य थे।

अंतरराष्ट्रीय जांच और सहयोग

अभियोग में यह भी उल्लेख है कि बिश्नोई ने 2010 के दशक में विश्वविद्यालय में छात्र नेता के रूप में अपना नेटवर्क बनाया, जिसे बाद में वह आपराधिक गतिविधियों में बदल दिया। समूह ने विशेषकर गरीब और असुरक्षित क्षेत्रों के युवाओं को भर्ती किया, अक्सर नाबालिगों को शामिल करके दंड कम करने की कोशिश की। इस रणनीति ने अमेरिकी एजेंसियों को समूह को ट्रैक करना आसान बना दिया।

यह मामला भारत, कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच सहयोग का उदाहरण है, जहाँ FBI, अमेरिकी DOJ और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर बिश्नोई के ठिकानों, सहायक व्यक्तियों और वित्तीय लेन‑देनों की सूची तैयार की। इस सहयोग ने अंततः बिश्नोई को गुजरात के स्बर्मती जेल में उच्च सुरक्षा वाले सेल में बंदी बना दिया है।

समाचार के अनुसार, अमेरिकी न्याय विभाग ने इस समूह के खिलाफ $50,000 की इनाम राशि की घोषणा भी की है, जिससे संभावित गवाहों को सहयोग करने के लिए प्रेरित किया जा सके। यह कदम संगठित अपराध के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सख्त संदेश भेजता है।