सिसिली में अकेले यात्रा कर रही 36‑वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई महिला ने दो बार किडनैप का सामना किया, लेकिन लगातार बच निकलने के बाद वह अंत में सुरक्षित हुई। यह घटना विदेश में अकेली यात्रा करने वाले टूरिस्टों को सतर्क रहने की चेतावनी देती है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • ऑस्ट्रेलियाई महिला स्टेफ़नी ने इटली में दो बार किडनैप का सामना किया।
  • पहला किडनैप एक अनजान चालक की कार में लिफ्ट लेने से शुरू हुआ, दूसरा एक सुरक्षा गार्ड द्वारा किया गया।
  • घटना ने विदेश यात्रा में व्यक्तिगत सुरक्षा के महत्व को दोहराया।

सिसिली के लो स्टैग्नोने क्षेत्र में काइटबोर्डिंग के शौक़ीन 36‑वर्षीय स्टेफ़नी को अक्टूबर 2025 में यूरोप यात्रा के दौरान दो घातक किडनैप प्रयासों का शिकार बनना पड़ा। पहली बार वह एक यूरोपीय मूल के अजनबी द्वारा पेश की गई लिफ्ट में बैठी, जो जल्द ही अपने रूट को बदल कर उसे दूर‑दूर तक ले जाने लगा।

पहला किडनैप: लिफ्ट में फँसना

काइटबोर्डिंग सत्र समाप्त होने के बाद, समूह के कुछ सदस्य कार से निकलने का इंतज़ार कर रहे थे। तभी एक अजनबी ने स्टेफ़नी को अपनी कार में बैठने का प्रस्ताव दिया। उसने सोचा कि वह बाकी समूह के साथ ही जा रही है, पर कार अलग दिशा में मोड़ ली। चालक ने तेज़ गति (160 किमी/घंटा) से गाड़ी चलाना शुरू किया, जबकि स्टेफ़नी लगातार गाड़ी रोकने की कोशिश करती रही। अंततः उसने अपने काइटबोर्डिंग इंस्ट्रक्टर को लाइव लोकेशन भेजी, जिससे उसे स्थिति का अंदाज़ा हो गया।

पहला बचाव: गेट के पास भागना

लगभग 12 किलोमीटर बाद कार एक बड़े गेट वाले मकान के पास रुक गई। दरवाज़ा अनलॉक था, और स्टेफ़नी ने मौके का फायदा उठाकर तुरंत बाहर निकली और कई किलोमीटर तक पैदल भागी, जब तक वह किसी भी पीछा करने वाले को नहीं देख पाई।

दूसरा किडनैप: सुरक्षा गार्ड का धोखा

कई घंटे पैदल चलने के बाद, वह एक छोटे कस्बे में एक सुरक्षा गार्ड से मिली, जिसने मोबाइल ट्रांसलेशन ऐप की मदद से उसकी कहानी सुनी। गार्ड ने उसे होटल तक ले जाने का भरोसा दिया, पर कुछ देर बाद वह उसे सुनसान गली में कार में बिठा कर फिर से जबरदस्ती ले गया। गार्ड ने स्टेफ़नी के फ़ोन में एक संदेश टाइप किया: "मैं तुम्हें घर छोड़ रहा हूँ, इसके बदले मेरे लिए क्या करोगी?" इस संदेश को पढ़ते ही स्टेफ़नी ने फिर से कार का दरवाज़ा खोलकर भाग निकला।

दूसरा बचाव: वाइनयार्ड में छिपना

इस बार वह पास के एक वाइनयार्ड में छिप गई और फिर कई किलोमीटर पैदल चलकर अपने होटल पहुँची। रास्ते में वह वेंडिंग मशीन से पेय खरीदती रही, ताकि अपने मौजूदगी का रिकॉर्ड हो। इस अनुभव ने उसे गहरी मानसिक चोट पहुँचाई, और वह अगले दिन तक रोती रही।

परिणाम और सीख

स्टेफ़नी ने बताया कि यह घटना इटली या इटालियन लोगों को सामान्यीकृत नहीं करती; वह मानती है कि पहला ड्राइवर यूरोप के किसी अन्य देश का प्रवासी था। फिर भी, इस घटना ने उसकी इटली में घर खरीदने और अकेले प्रोजेक्ट करने की योजनाओं को स्थगित कर दिया है। वह अब किसी भरोसेमंद साथी के बिना विदेश में काम नहीं करना चाहती।

यह केस दोबारा यह याद दिलाता है कि अनजान व्यक्तियों की लिफ्ट या मदद स्वीकार करने से पहले पूरी सावधानी बरतना आवश्यक है, चाहे वह अपने देश में हो या विदेश में।