अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ की सुरक्षा को अपना मिशन घोषित किया और इसके लिए वित्तीय प्रतिफल की माँग की। इस बयान ने ईरान‑अमेरिका तनाव को फिर से तेज़ कर दिया है, जबकि वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ की सुरक्षा का जिम्मा लेने की घोषणा की।
- उसने इस सुरक्षा के लिए भुगतान की माँग की, जिसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में जोखिम माना जा रहा है।
- बयान ईरान‑अमेरिका संबंधों को और बिगाड़ सकता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।
नई दिल्ली, 13 जुलाई 2026 – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले दो दिनों में कई बार स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को "अमेरिका का संरक्षक" घोषित किया और इस रणनीतिक जलमार्ग के लिए प्रतिपूर्ति की मांग की। ट्रंप ने यह घोषणा फॉक्स न्यूज को एक साक्षात्कार में की, जिसमें उन्होंने ईरान पर कठोर टिप्पणी की और कहा कि ईरान ने पहले किए गए समझौते का उल्लंघन किया है।
पृष्ठभूमि
स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़, जो ओमान के तट से ईरान के तट तक फैला हुआ है, विश्व के लगभग 20% तेल निर्यात का मुख्य मार्ग है। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से इस जलमार्ग को कई बार अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक संचालन और संघर्षों का केंद्र माना गया है। 2015 में यू.एस. और ईरान के बीच परमाणु समझौते (JCPOA) के तहत इस जलमार्ग की सुरक्षा में अमेरिकी नौसेना की भूमिका सीमित थी, लेकिन समझौते के टूटने के बाद फिर से तनाव बढ़ा।
ट्रंप का बयान
ट्रंप ने कहा, "यदि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ की सुरक्षा करता है, तो हमें इसके लिए उचित भुगतान मिलना चाहिए।" उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 47 वर्षों में ईरान ने बार‑बार अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को बाधित किया है और अब यह समय है जब अमेरिका इस जलमार्ग को "गार्जियन" के रूप में ले। ट्रंप ने यह दावा किया कि एक दिन पहले ईरानी प्रतिनिधियों के साथ 11‑घंटे की बैठक हुई, जिसमें समझौते पर सहमति बनी, पर बाद में ईरान ने शर्तें बदलने की मांग की।
भौगोलिक और आर्थिक महत्व
हॉर्मुज़ जलमार्ग मध्य‑पूर्व की ऊर्जा सुरक्षा के लिए नाज़ुक कड़ी है। यदि इस मार्ग में व्यवधान आता है, तो वैश्विक तेल कीमतों में अचानक उछाल और शिपिंग लागत में वृद्धि हो सकती है। ट्रंप के इस बयान से निवेशकों में अस्थिरता बढ़ी है, और कई ऊर्जा कंपनियों ने संभावित जोखिमों को लेकर अपने पोर्टफोलियो का पुनर्मूल्यांकन शुरू कर दिया है।
संभावित प्रभाव
ट्रंप की मांग का समर्थन करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस को अतिरिक्त बजट आवंटन की आवश्यकता होगी, जबकि ईरान इस पर कूटनीतिक प्रतिरोध दर्शा रहा है। यदि दोनों पक्षों के बीच नई समझौता नहीं बनता, तो इस जलमार्ग में सैन्य टकराव की संभावना बढ़ सकती है, जिससे मध्य‑पूर्व में व्यापक सुरक्षा जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं। इस परिप्रेक्ष्य में, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस तनाव को कम करने हेतु कूटनीतिक प्रयास तेज़ करने की जरूरत है।