कैल्गरी के प्रेरी विंड्स पार्क में कैनेडा डे के उत्सव के दौरान एक महिला ने भारतीय स्वयंसेवकों पर कचरा फेंकने का आरोप लगाया, जिससे सोशल मीडिया पर तीव्र बहस छिड़ गई। स्वयंसेवकों ने बाद में स्पष्ट किया कि कचरा उनके स्टॉल से नहीं आया और कार्यक्रम के बाद पार्क पूरी तरह साफ किया गया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • वीडियो ने सामाजिक तनाव को उजागर किया
  • स्वयंसेवकों ने कचरे की जिम्मेदारी नहीं ली
  • इवेंट के बाद पार्क पूरी तरह साफ किया गया

जुलाई 1 को मनाया जाने वाला कैनेडा डे, 1867 के संविधान अधिनियम की वर्षगाँठ के रूप में पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। इस वर्ष कैल्गरी के प्रेरी विंड्स पार्क में आयोजित सार्वजनिक बारबेक्यू कार्यक्रम में कई समुदायों ने मुफ्त भोजन और मनोरंजन प्रदान किया।

घटना का विवरण

एक वायरल वीडियो में दर्शाया गया है कि स्वयं को “नेटिव” बताने वाली महिला, वेरोनिका ली, ने पार्क में मौजूद भारतीय (मुख्यतः सिख एवं दक्षिण एशियाई) स्वयंसेवकों से कचरे के बारे में सवाल किया। उन्होंने कहा, “हमारी जमीन को इस तरह नहीं ट्रीट किया जाना चाहिए,” और उपस्थित लोगों को कचरा उठाने का आग्रह किया।

सोशल मीडिया में प्रतिक्रिया

वीडियो के प्रसार के बाद ट्विटर, फ़ेसबुक और X पर विभिन्न रायें उभरीं। कई उपयोगकर्ताओं ने महिला के आह्वान का समर्थन किया, जबकि अन्य ने भारतीय समुदाय के प्रति सम्मान की मांग की। कुछ ने कड़े जुर्माने की सलाह दी, जबकि कई ने सफ़ाई की महत्ता पर जोर दिया।

स्वयंसेवकों का स्पष्टीकरण

आखिरकार, अह़्मदिया मुस्लिम कम्युनिटी कैल्गरी और गुरु नानक फ्री किचन ने फेसबुक पर एक पोस्ट जारी कर बताया कि वीडियो में दिखाए गए पेपर प्लेट, नैपकिन और कप उनके स्टॉल से नहीं आए थे। उन्होंने बताया कि बड़े कार्यक्रमों में कचरे के निपटान में समय लगता है, और दोनों संगठनों के स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम के बाद पार्क की सफ़ाई में मदद की।

भविष्य की दिशा

स्वयंसेवकों ने महिला को भविष्य के इवेंट में आमंत्रित किया, यह संकेत देते हुए कि वे सामुदायिक जुड़ाव को अधिक सकारात्मक ढंग से आगे बढ़ाना चाहते हैं। इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और विभिन्न सांस्कृतिक समूहों के बीच संवाद को सुदृढ़ करने की आवश्यकता को उजागर किया।