विदेश मंत्री सारद जयंकर ने ब्रुसेल्स में तीसरी भारत‑ईयू ट्रेड‑टेक्नोलॉजी परिषद के बाद विविध उत्पादन आधार और भरोसेमंद तकनीकी सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। दोनों पक्षों ने होराइजन यूरोप के साथ सहयोग और डीप‑टेक स्टार्ट‑अप साझेदारी की औपचारिक वार्ता शुरू करने का निर्णय किया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • विविध उत्पादन आधार और मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं की आवश्यकता पर दोनो देशों की साझेदारी
  • होराइजन यूरोप के साथ औपचारिक वार्ता शुरू
  • डीप‑टेक एवं स्वच्छ तकनीकों के लिए द्विपक्षीय स्टार्ट‑अप पहल

ब्रुसेल्स में आयोजित तीसरी भारत‑ईयू ट्रेड‑टेक्नोलॉजी परिषद (TTC) में विदेश मंत्री सारद जयंकर ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच आपूर्ति शृंखलाओं की लचीलापन और विश्वसनीय बाजारों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि "विविध उत्पादन आधार और भरोसेमंद साझेदारियां जोखिम को कम करने की कुंजी हैं"। इस बयान ने दोनों पक्षों के बीच नई ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में सहयोग को तेज़ करने का संकेत दिया।

पृष्ठभूमि और रणनीतिक महत्व

2022 में यूरोपीय आयोग अध्यक्ष वॉन डेर लेयन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्थापित भारत‑ईयू TTC का लक्ष्य व्यापार, भरोसेमंद प्रौद्योगिकी और सुरक्षा के क्षेत्र में जटिल चुनौतियों को मिलकर सुलझाना है। पहले दो बैठकों में डिजिटल सेवा कर, डेटा संरक्षण और बौद्धिक संपदा पर चर्चा हुई थी, जबकि इस बार फोकस आपूर्ति शृंखलाओं के विविधीकरण और डीप‑टेक स्टार्ट‑अप सहयोग पर रहा।

होराइजन यूरोप के साथ औपचारिक वार्ता

सत्र के दौरान दोनो पक्षों ने "होराइजन यूरोप" के साथ भारत की सहयोगी स्थिति पर औपचारिक वार्ता शुरू करने का आश्वासन दिया। यह पहल भारतीय अनुसंधान संस्थानों को यूरोपीय फ्रेमवर्क में भागीदारी के नए अवसर प्रदान करेगी, विशेषकर जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में।

डीप‑टेक और स्वच्छ तकनीकों के लिए स्टार्ट‑अप साझेदारी

एक द्विपक्षीय स्टार्ट‑अप साझेदारी को लॉन्च करने का भी निर्णय हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य डीप‑टेक और स्वच्छ प्रौद्योगिकी में नवाचार को तेज़ करना है। इस पहल से भारतीय उद्यमियों को यूरोपीय फंडिंग, बाजार तक पहुँच और तकनीकी विशेषज्ञता मिलने की उम्मीद है, जबकि यूरोप को भारत के तेज़ी से बढ़ते स्टार्ट‑अप इकोसिस्टम का लाभ मिलेगा।

भविष्य की दिशा

जयंकर ने कहा कि "भारत‑ईयू साझेदारी अब नई ऊँचाइयों पर पहुंचने के कगार पर है", जिसमें मुक्त व्यापार समझौता, सुरक्षा‑रक्षा गठबंधन और गतिशीलता ढांचा प्रमुख उपलब्धियों के रूप में उल्लेखित हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि TTC की व्यापक रणनीतिक एजेंडा को लागू करने के लिए निरंतर संवाद और कार्यान्वयन आवश्यक होगा, जिससे वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में बहुपक्षीयता और स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।