गुरुग्राम के सुशांत लोक में रात 12 बजे पुलिस क्राइम ब्रांच ने एन्काउंटर किया, जिसमें विदेश‑संचालित दीपक नांदल गैंग के चार शूटर मार गए। मुठभेड़ में तीन पुलिस अधिकारी भी गंभीर रूप से घायल रहे और उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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गुरुग्राम, 10 जुलाई 2026 – दिल्ली की सीमा के पास स्थित हरियाणा के व्यापारिक हब गुरुग्राम में रात के समय एक तीव्र गोलीबारी हुई, जब पुलिस क्राइम ब्रांच ने अर्द्ध‑रात्रि में एन्काउंटर किया। स्थानीय मीडिया ने बताया कि एन्काउंटर में चार बदमाशों की मौत हुई, जिन्हें दीपक नांदल गैंग के शूटर कहा जा रहा है, और तीन पुलिस कर्मी घायल रहे।

घटना की पृष्ठभूमि

क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि सुशांत लोक इलाके में कुछ हथियारबंद अपराधी स्कॉर्पियो मोटरसाइकिल पर सवार हैं और एक स्थानीय व्यावसायी के घर के पास फायरिंग कर रहे हैं। यह सूचना पुलिस नियंत्रण कक्ष में दर्ज होने के बाद, टीम तुरंत इलाके में दबिश देने के लिए रवाना हुई। दीपक नांदल, जो विदेश में बसे एक गैंगस्टर के रूप में जाना जाता है, अपने शूटरों को भारत में रंगदारी की मांग के लिए भेज रहा था, जिससे यह मुठभेड़ हुई।

मुठभेड़ का विवरण

जब पुलिस ने क्षेत्र में घुसकर बदमाशों को घेराबंद किया, तो वह लोग भी गोली चलाने लगे। बदमाशों ने स्कॉर्पियो पर सवार होते हुए कई स्वचालित हथियार निकाले और पुलिस पर निरंतर फायर किया। जवाब में पुलिस ने तीव्र प्रतिक्रिया दी, जिससे स्कॉर्पियो पर सवार सभी पाँच बदमाशों में से चार को गोली लगी और वे तुरंत ही मृत घोषित किए गए। एक बदमाश गंभीर रूप से घायल रह गया और उसे निजी अस्पताल ले जाया गया।

घायलों की स्थिति

एन्काउंटर में तीन पुलिस अधिकारी भी गंभीर चोटों के शिकार हुए। उन्हें तुरंत निकटतम निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उपचार जारी रखा है। वर्तमान में सभी घायल व्यक्तियों की स्थिति स्थिर है, लेकिन डॉक्टरों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

जांच और भविष्य की दिशा

एन्काउंटर के बाद, गुरुग्राम के डिप्टी पुलिस कमिश्नर (क्राइम) और डीसीपी (ईस्ट) दोनों मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच का आदेश दिया। फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने साक्ष्य एकत्र किए और बरामद किए गए पाँच स्वचालित हथियारों की जांच शुरू की। पुलिस अब मारे गए शूटरों की पहचान करने और उनके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है, जिससे भविष्य में इसी प्रकार की अपराधी संगठनों को रोकने की रणनीति तैयार की जा सके।