दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में मूसलाधार बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव हो गया है, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित है। IMD ने दिल्ली-हरियाणा सहित कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया है।
देशभर में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और गुजरात सहित कई राज्यों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। भारी बारिश और तेज हवाओं (40-60 किमी/घंटा) के चलते उत्तर भारत से लेकर पश्चिम भारत तक जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
दिल्ली-NCR में ट्रैफिक का बुरा हाल
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों जैसे नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी है। दिल्ली के आईटीओ, आनंद विहार, करोल बाग, कनॉट प्लेस और राजीव चौक जैसे प्रमुख इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से ट्रैफिक की रफ्तार थम गई है। गुरुग्राम के हीरो होंडा चौक से सुभाष चौक की ओर जाने वाली सड़कों पर गाड़ियां रेंगती नजर आ रही हैं, जिससे ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गाजियाबाद और उत्तराखंड में संकट
गाजियाबाद में स्थिति और भी गंभीर है, जहाँ मुख्य मार्ग तालाब में तब्दील हो गए हैं। रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाले प्रमुख रास्तों पर वाहनों के पहिए आधे तक डूब गए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी रोष है। वहीं, उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते देहरादून और नैनीताल में स्कूलों को बंद कर दिया गया है। पहाड़ों में भूस्खलन (landslides) की घटनाओं ने यातायात को पूरी तरह बाधित कर दिया है।
पश्चिमी भारत में बाढ़ जैसे हालात
महाराष्ट्र और गुजरात में भी मानसून का कहर जारी है। मुंबई में हाई टाइड का अलर्ट है, जबकि वसई-विरार जैसे इलाकों में निचले रिहायशी क्षेत्रों में पानी घुसने से लोगों के घरों का सामान खराब हो गया है। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण जनजीवन पूरी तरह ठप है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 48 घंटों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा, इसलिए लोगों को घरों में रहने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।