एक सात साल की बच्ची का शव घाज़ीाबाद के निर्माणाधीन मॉल की बेसमेंट में मिला। परिवार ने बताया कि बच्ची को लुभाकर गैंग रेप किया गया, जबकि पुलिस दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पोस्ट‑मोर्टेम की प्रतीक्षा कर रही है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • 7 साल की बच्ची की लाश घाज़ीाबाद के निर्माणाधीन मॉल की बेसमेंट में मिली
  • परिवार ने बताया कि बच्ची को चिप्स व स्नैक्स के बहाने लुभाया गया और गैंग रेप की साजिश हुई
  • पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया, पोस्ट‑मोर्टेम परिणाम अभी शेष

घाज़ीाबाद के राज नगर एक्सटेंशन में एक निर्माणाधीन मॉल की बेसमेंट‑2 में सुबह के समय सात साल की एक बच्ची की लाश मिली। बच्ची का शरीर रक्त में डूबा हुआ पाया गया, जबकि उसकी हेड पर स्पष्ट चोट के निशान भी थे। इस हादसे ने शहर भर में गहरा शॉक पैदा कर दिया है।

घटना की समय‑रेखा

शुक्रवार शाम लगभग 7:30 बजे बच्ची का अभाव महसूस हुआ, जब वह अपने माता‑पिता के साथ मॉल के निर्माण स्थल पर काम कर रही थी। परिवार ने तुरंत खोज शुरू की, लेकिन देर रात तक कोई संकेत नहीं मिला। 1:10 बजे पुलिस ने 112 पर प्राप्त कॉल के बाद मौके पर कार्रवाई शुरू की और बॉडी को सुरक्षित किया।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

स्थानीय पुलिस ने दो व्यक्तियों को तुरंत हिरासत में लिया और गवाही के लिए पूछताछ शुरू की। फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम और डॉग स्क्वाड को साक्ष्य एकत्र करने के लिए बुलाया गया। पोस्ट‑मोर्टेम रिपोर्ट के बाद ही हत्या के कारण और यौन शोषण की पुष्टि होगी।

परिवार के आरोप

परिवार ने बताया कि बच्ची को मॉल की बेसमेंट में “चिप्स, स्नैक और सॉफ्ट ड्रिंक” के वादे से लुभाया गया, जहाँ उसे कई लोगों ने गैंग रेप किया और बाद में बुरी तरह मार दिया। यह आरोप अभी तक पुलिस द्वारा आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं किया गया है, परंतु मामले की जाँच के दौरान यह एक प्रमुख दिशा बनी हुई है।

समाज के लिये व्यापक प्रभाव

इस घटना ने भारत में बच्चों की सुरक्षा, विशेषकर निर्माण स्थल पर काम करने वाले श्रमिक परिवारों के बारे में गंभीर सवाल उठाए हैं। पिछले कुछ वर्षों में समान मामलों में न्यायिक प्रक्रिया धीमी रही है, जिससे सार्वजनिक भरोसा कमजोर हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कड़ी सुरक्षा नियमों और तेज़ फोरेंसिक जांच से भविष्य में ऐसे अपराधों को रोका जा सकता है।

अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने तक सभी संभावित पहलुओं को खुले तौर पर जांचा जाएगा और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी कानूनी साधन प्रयोग किए जाएंगे।