गुड़गांव के सुशांत लोक में हुए मुठभेड़ ने अंतरराष्ट्रीय हथियारों की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। चीनी निर्मित Norinco PX-30 पिस्तौल के इस्तेमाल ने पुलिस जांच को पाकिस्तान के ब्लैक मार्केट तक पहुंचा दिया है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • गुड़गांव मुठभेड़ में इस्तेमाल किए गए हथियार चीनी कंपनी Norinco के PX-30 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल हैं।
  • ये हथियार पाकिस्तान के पेशावर जैसे ब्लैक मार्केट से तस्करी के जरिए भारत पहुंचाए जा रहे हैं।
  • गैंगस्टर दीपक नंडल और सत्ता नौशेरा के संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय हथियारों के नेटवर्क से संबंध की जांच जारी है।
  • एक PX-30 पिस्तौल की अवैध बाजार में कीमत 8 से 10 लाख रुपये तक है।

गुड़गांव: हरियाणा के पॉश इलाके सुशांत लोक में गुरुवार रात हुई भीषण मुठभेड़ ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। इस एनकाउंटर में मारे गए शूटरों के पास से बरामद किए गए हथियार महज स्थानीय कट्टे नहीं, बल्कि चीनी रक्षा निर्माता Norinco द्वारा निर्मित परिष्कृत PX-30 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल हैं। इस बरामदगी ने स्थानीय अपराध की जांच को अंतरराष्ट्रीय हथियारों की तस्करी के एक जटिल जाल की ओर मोड़ दिया है।

पाकिस्तान के ब्लैक मार्केट से भारत तक का सफर

पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि PX-30 पिस्तौल मुख्य रूप से पाकिस्तान के हथियार ब्लैक मार्केट, विशेषकर पेशावर में उपलब्ध हैं। इन हथियारों को अवैध रास्तों, जैसे कि सीमा पार हथियार ड्रॉप या नेपाल सीमा के माध्यम से भारत में तस्करी कर लाया जाता है। हाल के महीनों में पंजाब और अमृतसर में भी इसी तरह के हथियारों की खेप पकड़ी गई है, जो इस बात का प्रमाण है कि सीमा पार से हथियारों की आवक निरंतर बनी हुई है।

गैंगस्टर नेटवर्क और हाई-प्रोफाइल कनेक्शन

जांच अधिकारियों का मानना है कि ये शूटर कथित तौर पर रोहतक के गैंगस्टर दीपक नंडल द्वारा भेजे गए थे, जो वर्तमान में यूके (UK) में शरण लिए हुए है। इस मामले में एक और गंभीर पहलू सत्ता नौशेरा का है, जो आतंकी लखबीर सिंह लांडा का करीबी माना जाता है। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या नौशेरा का नेटवर्क पाकिस्तान से Glock और Norinco जैसे घातक हथियार भारत के संगठित गिरोहों तक पहुँचाने में शामिल है।

अपराध का नया और महंगा स्वरूप

विशेषज्ञों के अनुसार, अपराध जगत अब स्थानीय अवैध निर्माताओं के बजाय विदेशी हथियारों की ओर रुख कर रहा है। एक PX-30 पिस्तौल की कीमत अवैध बाजार में 8 से 10 लाख रुपये के बीच है, जो इसे ग्लॉक (Glock) जैसे हथियारों से भी महंगा बनाता है। अपराधी अब केवल 'कूरियर' और 'सप्लायर' के माध्यम से हथियारों की आपूर्ति प्राप्त कर रहे हैं, जिससे उनकी पहचान छुपाना आसान हो जाता है।