दिल्ली के जसोला में एक पुरानी इमारत के तोड़ने के दौरान दीवार अचानक गिरी, जिससे 23‑24 वर्षीय मजदूर की मौत हुई और दो सहकर्मी घायल रहे। पुलिस ने ठेकेदार को गिरफ्तार कर कारणों की जांच शुरू कर दी है।

वीडियो लोड हो रहा है...

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • जसोला में डिमोलिशन के दौरान दीवार गिरने से एक मजदूर की मौत
  • दो अन्य मजदूर अस्पताल में उपचाररत
  • स्थानीय पुलिस ने ठेकेदार को गिरफ्तार किया, सुरक्षा मानकों की जांच जारी

नई दिल्ली (११ जुलाई) – दिल्ली के पॉश इलाके जसोला में एक निर्माण को तोड़ने के काम के दौरान जब ठेकेदार ने अंतिम दीवार गिराने की कोशिश की, तो वह अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ी। चार मजदूर उस क्षण में उसी दीवार के नीचे फँस गए, जिनमें से एक 23‑24 वर्षीया विजय मौके पर ही दम तोड़ गया, जबकि दो अन्य को गंभीर चोटें आईं।

पृष्ठभूमि और सुरक्षा मानक

भारत में निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन अक्सर समाचार बन जाता है। श्रम कानून के तहत डिमोलिशन कार्य के लिए विशेष अनुमति, सुरक्षा कवच, और फेंसिंग अनिवार्य है, फिर भी कई बार अनियंत्रित कार्य और समय की कमी के कारण दुर्घटनाएँ घटित होती हैं। 2022 में मुंबई में हुई समान घटना में भी दो कार्यकर्ता की मौत हुई थी, जिससे सुरक्षा नियमों की कड़ाई से पालन करने की माँग बढ़ी थी।

घटना का विवरण

जसोला के पॉकेट नंबर‑1 स्थित प्लॉट नं‑149 पर शुक्रवार दोपहर काम चल रहा था। कार्यकर्ता सूर्य नारायण यादव ने बताया कि अंतिम दीवार को गिराने के लिए जड़त्वयुक्त उपकरण का उपयोग किया गया था, लेकिन दीवार की अस्थिरता को ठीक से आंक नहीं पाया गया। दीवार के गिरते ही चारों मजदूरों को बचने का कोई मौका नहीं मिला, और एक की मौत और दो की चोटें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराई गईं।

पुलिस कार्रवाई और जांच

घटना की सूचना मिलने पर सरिता विहार थाना की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, केस दर्ज किया और डिमोलिशन ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह जांच रही है कि डिमोलिशन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं, और क्या कार्यकर्ता को उचित सुरक्षा उपकरण (जैसे हेलमेट, सुरक्षा जूते) उपलब्ध कराए गए थे। यदि उल्लंघन सिद्ध हुआ तो संबंधित पक्ष पर कठोर सज़ा का प्रावधान है।

भविष्य की दिशा

यह हादसा न केवल श्रमिकों की सुरक्षा पर प्रश्न उठाता है, बल्कि शहरी विकास में अनियंत्रित डिमोलिशन को रोकने के लिए कड़े नियामक ढांचे की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि नवीनीकरण और पुनर्निर्माण के दौर में, डिजिटल मॉनिटरिंग और रीयल‑टाइम सुरक्षा ऑडिट को अनिवार्य बनाना चाहिए।