गुरुग्राम के सेक्टर 55 में एक सॉफ़्टवेयर इंजीनियर ने अपनी प्रेमिका को कई बार चाकू से मार डाला, फिर खुद ट्रेन के रास्ते में कूद कर आत्महत्या कर ली। केस की जाँच में पुलिस सीसीटीवी, कॉल रिकॉर्ड और फोरेंसिक साक्ष्य जोड़ रही है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • श्रेस्‍ठ मलिक ने अपनी गर्लफ़्रेंड इशाका को कई बार चाकू से मारा
  • परिवार की कॉल पर पुलिस ने मक़ान में खून का दृश्य पाया
  • श्रेस्त्‍ह बाद में ट्रेन के ट्रैक पर कूद कर आत्महत्या कर गया

गुरुग्राम, हरियाणा – 12 जुलाई, 2026 को सेक्टर 55 के एक किराए के अपार्टमेंट में एक भयानक हत्या‑आत्महत्या की घटना सामने आई। 25 साल के सॉफ़्टवेयर इंजीनियर श्रेस्‍ठ मलिक, जो छत्तीसगढ़ के भिलाई से आया था, ने अपनी प्रेमिका इशाका (उ.प्र.) को कई बार चाकू से घोंपकर मार डाला, फिर स्वयं ट्रेन के सामने कूद कर अपनी जान ले ली।

परिवार की चतुराई और पुलिस की कार्रवाई

इशाका के परिवार ने लगातार कॉल का जवाब न मिलने पर सेक्टर 56 पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने तुरंत अपार्टमेंट की दरवाज़ा तोड़कर प्रवेश किया और इशाका को खून में डूबे हुए पाया। प्रारंभिक जांच में बताया गया कि शिकार को कई बार चाकू से घोंपा गया था, जिससे गंभीर रक्तस्राव हुआ। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किया और शव पर पोस्ट‑मार्टेम किया।

संदेहित क़िलेदार का अजीब अंत

जांच के दौरान पता चला कि श्रेस्‍ठ मलिक ने उसी दिन इशाका के अपार्टमेंट का दौरा किया था। जब पुलिस उसे खोज रही थी, तो गुरुग्राम की रेलवे ट्रैक पर दो टुकड़ों में बिखरा एक शव मिला, जो बाद में श्रेस्‍ठ मलिक ही साबित हुआ। पुलिस का मानना है कि वह अपने किए गए कार्य के बाद मनोवैज्ञानिक तनाव के कारण ट्रेन के सामने कूद कर आत्महत्या कर गया।

जाँच की दिशा और संभावित कारण

सेक्टर 56 के एसएचओ मनोज कुमार ने कहा कि दोनों शवों की पोस्ट‑मार्टेम रिपोर्ट जारी की जाएगी और परिवारों को सूचित किया गया है। पुलिस वर्तमान में सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य की जांच कर रही है ताकि हत्या‑आत्महत्या की सटीक प्रेरणा पता चल सके। कुछ रिपोर्टों में रिश्ते में असहजता, निजी विवाद या नौकरी से संबंधित तनाव का उल्लेख किया गया है, परंतु आधिकारिक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है।

समाज पर प्रभाव और चेतावनी

यह घटना गुरुग्राम के तेज़‑तर्रार तकनीकी माहौल में मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी को उजागर करती है। विशेषज्ञों ने इस मौके पर युवाओं को तनाव प्रबंधन और मानसिक सहायता सेवाओं का उपयोग करने की सलाह दी है, ताकि भविष्य में ऐसे दुर्दांत मामलों को रोका जा सके।