भारत सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत दिल्ली, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, तेलंगाना और राजस्थान में 10 प्रमुख रेलवे स्टेशनों का 424 करोड़ रुपये में पुनर्निर्माण पूरा हुआ। इस चरण में सुविधाओं में सुधार, मल्टीमोडल कनेक्टिविटी और दिव्यांगजन‑मित्र डिज़ाइन पर विशेष ध्यान दिया गया है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- 10 प्रमुख स्टेशनों का 424 करोड़ रुपये में आधुनिकीकरण
- डिज़ाइन में दोहरी ऊँचाई वाले एर कंकॉर्स, LED लाइटिंग और स्लीप‑रेज़िस्टेंट फ़्लोरिंग
- दिव्यांगजन‑मित्र सुविधाएँ, नई फुट ओवर ब्रिज और विस्तारित पार्किंग
भारत की सबसे बड़ी रेल नेटवर्क, इंडियन रेलवे, ने अपने अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) के तहत 10 प्रमुख स्टेशनों को 424.02 करोड़ रुपये की लागत में पुनः विकसित किया। यह पहल 2022 में शुरू हुई थी, जिसका उद्देश्य स्टेशन‑स्तर पर बुनियादी ढाँचे को आधुनिक बनाना, यात्रियों की पहुँच को आसान बनाना और मल्टीमोडल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना है।
कुशलता और तकनीकी नवाचार
पंजाब के 110‑वर्ष पुराने जालंधर कैंट स्टेशन को 125 करोड़ रुपये में पुनर्निर्मित किया गया, जिसमें दोहरी ऊँचाई वाला एर कंकॉर्स, भारी स्टील की छत, फिसलन‑रोधी फर्श और ऊर्जा‑सक्षम LED लाइटिंग शामिल हैं। दो नए फुट‑ओवर‑ब्रिज (6 m और 9 m चौड़े) यात्रियों के प्रवाह को सहज बनाते हैं। समान रूप से, तेलंगाना के हाई‑टेक सिटी स्टेशन को 26 करोड़ रुपये में IT‑हब के करीब स्थित किया गया, जिससे साइबर सिटी के कर्मचारियों को बेहतर रेल‑आधारित पहुँच मिलती है।
स्थानीय स्तर पर प्रभाव
महाराष्ट्र के बारामती और नंदुरा स्टेशन क्रमशः 11.40 करोड़ और 10.63 करोड़ रुपये में नवीनीकृत हुए। बारामती में नया प्रवेश द्वार, VIP लाउंज, दिव्यांगजन‑मित्र टॉयलेट और विस्तृत पार्किंग शामिल हैं, जबकि नंदुरा में नई बुकिंग काउंटर, एसी वेटिंग रूम और 1,307 sqm का दो‑पहिया एवं चार‑पहिया वाहन पार्किंग क्षेत्र बनाया गया। इन सुधारों से दैनिक 4,500 से अधिक यात्रियों को सुविधा मिली है।
दिल्ली में मोदी नगर स्टेशन का परिवर्तन
राष्ट्रीय रेलवे (NR) के अंतर्गत आने वाले दिल्ली के मोदी नगर स्टेशन को 25.75 करोड़ रुपये में अद्यतन किया गया। स्टेशन में 12 m चौड़ी फुट‑ओवर‑ब्रिज, नई पार्किंग, विस्तृत सर्कुलेटिंग एरिया और दिव्यांगजन‑मित्र सुविधाएँ जैसे रैम्प, टैक्टाइल पाथवे और टॉयलेट स्थापित किए गए। यह परिवर्तन न केवल यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाता है, बल्कि शहर के सार्वजनिक‑परिवहन नेटवर्क को भी सुदृढ़ करता है।
भविष्य की दिशा
अमृत भारत स्टेशन योजना का दीर्घकालिक लक्ष्य पूरे भारत में 5,000 से अधिक स्टेशनों को आधुनिक बनाना है, जिसमें डिजिटल सिग्नेज, रियल‑टाइम सूचना प्रणाली और सतत ऊर्जा समाधान शामिल होंगे। वर्तमान चरण की सफलता से यह स्पष्ट है कि सार्वजनिक‑निवेश मॉडल, तकनीकी नवाचार और उपयोगकर्ता‑केन्द्रित डिजाइन मिलकर भारत के रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक मानकों तक ले जा रहे हैं।