तेलंगाना के किसान पी राजकुमार पर छह लोगों की हत्या के आरोप थे, जिनमें उसकी पत्नी, दो बच्चे और एक नाबालिग लड़की शामिल थी। पीड़ितों के परिवार ने उनके खिलाफ POCSO केस दायर किया था, लेकिन आरोपी स्वयं मृत अवस्था में मिला।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- पी राजकुमार ने छह लोगों को खूनी हथियारों से मार डाला।
- पीड़ितों में उसकी पत्नी, दो छोटे बच्चे और एक नाबालिग लड़की शामिल थीं।
- पोलिस ने मृत शरीर पाया; केस अब आगे की जांच के अधीन है।
तेलंगाना के एक छोटे गाँव में रहने वाले किसान पी राजकुमार पर छह व्यक्तियों की हत्या का आरोप लगा था। इन शिकारों में उसकी पत्नी, दो छोटे बच्चे और एक नाबालिग लड़की शामिल थीं, जिनके परिवार ने पहले ही पीओसीएसओ (बाल यौन शोषण) केस दर्ज किया था।
घटना की पृष्ठभूमि
पी राजकुमार के खिलाफ 2022 में पीओसीएसओ शिकायत दर्ज की गयी थी, जिसमें आरोप था कि उसने एक नाबालिग लड़की को शोषित किया था। उस शिकायत के बाद पुलिस ने कई बार केस की जांच की, परन्तु आरोपी ने कभी भी सहयोग नहीं किया। इस तनावपूर्ण माहौल में, राजकुमार ने अपने ही घर में एक हिंसक कृत्य अंजाम दिया, जहाँ उसने कुल छह लोगों को चाकू से मार दिया।
हत्या का विवरण
स्थानीय पुलिस के अनुसार, पी राजकुमार ने अपने घर में एक-एक करके शिकारों को चाकू से चाकू मार कर उनकी गर्दन काट दी। हत्या के बाद उसने अपने शरीर पर गंभीर चोटें लगाई और अंततः खुद को ही मार डाला। मृत शरीर का पता पुलिस ने अगले दिन सुबह के समय किया।
कानूनी और सामाजिक प्रभाव
यह मामला न केवल व्यक्तिगत हिंसा का उदाहरण है, बल्कि ग्रामीण भारत में पीओसीएसओ केसों की जटिलता और न्याय प्रणाली की धीमी प्रतिक्रिया को भी उजागर करता है। सामाजिक कार्यकर्ता इस घटना को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए एक चेतावनी के रूप में देख रहे हैं, और न्यायिक प्रक्रिया को तेज़ी से लागू करने की मांग कर रहे हैं।
आगे की जांच
पोलिस ने बताया कि मृत शरीर की पहचान की पुष्टि हो चुकी है और अब वे हत्या के कारणों की जाँच पर ध्यान केंद्रित करेंगे। साथ ही, पीड़ितों के परिवार को न्याय दिलाने के लिए अतिरिक्त साक्ष्य इकट्ठा करने की प्रक्रिया चल रही है।