दिल्ली पुलिस ने 5 करोड़ रुपये की रंगदारी के मामले में दो फायरिंग की घटनाओं से जुड़े शूटर जगदीश (उर्फ जैक) को पश्चिम बंगाल के मालदा से गिरफ्तार किया। 1500 किमी के लंबी खोज के बाद इस गिरफ्तारी ने गैंग के बाकी नेटवर्क को उजागर किया।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- जगदीश उर्फ जैक को 1500 किमी के खोज के बाद मालदा से गिरफ्तार किया गया
- शूटर ने दो बार फायरिंग करके 5 करोड़ की रंगदारी वसूलने की कोशिश की
- पुलिस अब गैंग के अन्य सदस्य और साजिशों की जाँच कर रही है
दिल्ली पुलिस ने एक बड़े एक्सटॉर्शन केस में 5 करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग और दो बार फायरिंग की घटनाओं से जुड़े संदिग्ध शूटर जगदीश उर्फ जैक को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी केवल सात दिनों में चार राज्यों में लगभग 2,500 किलोमीटर की निरंतर खोज के बाद संभव हुई, जिससे इस अपराधी नेटवर्क की पकड़ में बड़ी प्रगति हुई।
घटना की पृष्ठभूमि
यह मामला 12 जनवरी 2025 को शुरू हुआ, जब दिल्ली के छावला इलाके के एक कारोबारी ने पुलिस को बताया कि उसे विदेशी नंबर से कॉल आया था। कॉल करने वाले ने अपना परिचय “हैरी बॉक्सर‑लॉरेंस बिश्नोई गैंग” के एक सदस्य के रूप में दिया और 5 करोड़ रुपये की रंगदारी की माँग की। जब रकम नहीं दी गई, तो गैंग ने उसी व्यापारी के जिम के बाहर फायरिंग कर दी, जिससे तीन गोलियां चलीं। यही नहीं, अगले दिन भी समान धमकी और फायरिंग हुई।
पुलिस की कार्यवाही और खोज
पुलिस ने प्रथम बार उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में स्थित सहयोगी विकास को गिरफ्तार किया, जिसने आगे की जांच में शूटर का ठिकाना मालदा में बताया। विशेष टीम ने तकनीकी सर्विलांस, कॉल रिकॉर्ड और मुखबिरों की जानकारी को मिलाकर इस लंबी खोज को आरम्भ किया। सात दिनों में चार राज्यों में 1500 किमी से अधिक दूरी तय कर, पुलिस ने मालदा के कमला बाड़ी रेलवे गेट के पास शूटर को पाते हुए उसे गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद की प्रक्रिया
जगदीश को मालदा की अदालत में पेश कर दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद, उसे दिल्ली ले जाकर विस्तृत पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शूटर के बयानों से गैंग के अन्य सदस्य, उनके वित्तीय लेन‑देन और भविष्य की आपराधिक योजनाओं का खुलासा हो सकता है। इस मामले में अभी भी कई अनसुलझे प्रश्न हैं, जैसे कि गैंग की पूरी संरचना, उनका नेटवर्क और अन्य संभावित लक्ष्य।
भविष्य की संभावनाएँ
जैसे ही जांच आगे बढ़ेगी, यह स्पष्ट हो सकता है कि इस प्रकार की बड़ी रकम की रंगदारी और बार‑बार की फायरिंग केवल स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि कई राज्यों में संगठित नेटवर्क के द्वारा की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्व दिया है, जिससे अन्य राज्यों में समान अपराधों को रोकने हेतु समन्वित कार्रवाई की संभावना बढ़ रही है।