राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारि (NHAI) ने 8% से अधिक कार्य वाले उप‑ठेकेदारों को पंजीकृत करने की शर्त जोड़ी है। सांसदों ने टोल प्लाज़ा सुविधाओं, ट्रैफ़िक की कम रिपोर्टिंग और आपातकालीन सेवाओं की कमी को उजागर किया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • भविष्य के सभी राजमार्ग परियोजनाओं में विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के चरण में सार्वजनिक परामर्श अनिवार्य किया गया।
  • 8% से अधिक लागत वाले उप‑ठेकेदारों को NHAI के साथ पंजीकरण करना अनिवार्य हुआ।
  • टोल प्लाज़ा पर ट्रैफ़िक डेटा की सटीकता बढ़ाने के लिए ANPR पायलट परियोजना का विस्तार किया जाएगा।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने संसद के सार्वजनिक लेखा समिति (PAC) की सिफ़ारिशों के जवाब में नई सार्वजनिक परामर्श दिशानिर्देश जारी किए हैं। ये दिशानिर्देश विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के चरण में अनिवार्य होंगे, जिससे स्थानीय निकायों, जिला मजिस्ट्रेट और राज्य सार्वजनिक कार्य विभाग सहित कई हितधारकों की आवाज़ को सुनना सुनिश्चित होगा।

परामर्श प्रक्रिया में विस्तृत चरण

भू‑परियोजना (brownfield) के लिए ग्राम सरपंच, नगर प्रमुख या महापौर, जिला मजिस्ट्रेट और राज्य सार्वजनिक कार्य विभाग के साथ परामर्श किया जाएगा। वहीं, नई (greenfield) परियोजनाओं में स्थानीय सांसद (MP) और विधायक (MLA) को भी शामिल किया जाएगा, जिससे नीति‑निर्माण में प्रतिनिधित्व की कमी नहीं रहे।

उप‑ठेकेदार पंजीकरण पर नई शर्त

उप‑ठेकेदारों को लेकर PAC की चिंता को ध्यान में रखते हुए, NHAI ने घोषणा की कि कुल परियोजना लागत के 8% या अधिक कार्य करने वाले सभी उप‑ठेकेदारों को अब NHAI के साथ पंजीकरण करना अनिवार्य होगा। यह कदम न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगा, बल्कि अनुबंध उल्लंघन और गुणवत्ता समस्याओं को भी घटाएगा।

टोल प्लाज़ा और ट्रैफ़िक रिपोर्टिंग में सुधार

बिल्डिंग अनुबंधों में टोल प्लाज़ा सुविधाओं की कमी, विशेषकर आपातकालीन एंबुलेंस की अनुपस्थिति, और टोल कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर कई मंत्री सदस्य ने आवाज़ उठाई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.सी. वेंगुपाल ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि 2023 में राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियमों में संशोधन के बाद टोल राजस्व में वृद्धि हुई, पर यात्रियों की चिंताओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

इसके अलावा, concessionaires द्वारा ट्रैफ़िक डेटा की कम रिपोर्टिंग का आरोप लगा। FASTag रिकॉर्ड्स ने दिखाया कि कई मामलों में वास्तविक ट्रैफ़िक वॉल्यूम 69% तक अधिक था। इस समस्या को हल करने के लिये NHAI ने पाँच टोल प्लाज़ा में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम की पायलट योजना शुरू की है, जिसे जल्द ही और अधिक स्थानों पर विस्तारित किया जाएगा।

भविष्य की दिशा

इन नए दिशानिर्देशों से न केवल सार्वजनिक भागीदारी को सुदृढ़ किया जाएगा, बल्कि राजमार्ग निर्माण एवं संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही और यात्रियों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन उपायों को सही ढंग से लागू किया गया, तो भारत की राजमार्ग नेटवर्क में सुधार और आर्थिक लाभ दोनों ही स्पष्ट रूप से महसूस होंगे।