श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा पर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने लापरवाही और निगरानी के विपरीत कार्य करने का आरोप लगाया है

राम मंदिर में दान की गई रकम की कथित चोरी की जांच में शामिल एसआईटी ने अनिल मिश्रा की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं। नौ पृष्ठों की प्रारंभिक रिपोर्ट में अनिल मिश्रा को दोषी ठहराया गया है और उन पर लापरवाही और निगरानी की कमी का आरोप लगाया गया है।