यूक्रेन के ड्रोन बलों ने कहा है कि उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सीमा के अंतर्गत आने वाले हर टैंकर पर हमला किया है, जिनका निचला द्रव्यमान लगभग 7,000 टन है और जो काला सागर में थे।
यूक्रेन के ड्रोन बलों ने कहा है कि उन्होंने क्रीमिया को ईंधन पहुंचाने वाली 8 रूसी 'शेडो फ्लीट' टैंकरों पर हमला किया है। इन टैंकरों का निचला द्रव्यमान लगभग 7,000 टन है और वे काला सागर में थे। यूक्रेन के ड्रोन बलों ने कहा है कि टैंकरों पर हमला करने से क्रीमिया के ईंधन आपूर्ति पर प्रभाव पड़ेगा। यह हमला यूक्रेन-रूस संघर्ष के दौरान किया गया एक और महत्वपूर्ण कदम है। क्रीमिया पर 2014 में रूस के कब्जे के बाद से यूक्रेन ने इसे अपना एक महत्वपूर्ण क्षेत्र माना है। यूक्रेन के ड्रोन बलों ने कहा है कि उन्होंने टैंकरों पर हमला करने से पहले उन्हें कई बार चेतावनी दी थी। लेकिन टैंकरों के मालकिनों ने उन्हें चेतावनी का जवाब नहीं दिया। इस हमले के बाद यूक्रेन की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। क्योंकि क्रीमिया को ईंधन पहुंचाने के लिए यूक्रेन के समुद्री बंदरगाहों का उपयोग किया जाता है। इन बंदरगाहों पर हमला करने से क्रीमिया को ईंधन पहुंचाने की क्षमता कम हो जाएगी। यूक्रेन के ड्रोन बलों ने कहा है कि वे आगे भी टैंकरों पर हमला करेंगे। लेकिन यह हमला उनके लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। क्योंकि यह हमला उन्हें अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यूक्रेन के ड्रोन बलों ने कहा है कि वे आगे भी टैंकरों को निशाना बनाएंगे। लेकिन उनका मुख्य लक्ष्य अभी भी क्रीमिया को ईंधन पहुंचाने वाले टैंकरों का नष्ट करना है।