जैनायक जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित सिंह चौताला ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी को ‘डमी’ कहकर चनोट गाँव में जल संकट के विरोध को समर्थन दिया। इस बयान ने राज्य‑स्तर के जल‑परियोजनाओं को लेकर पहले से तनावपूर्ण माहौल को और तेज़ कर दिया है।
जैनायक जनता पार्टी (JJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित सिंह चौताला ने 7 जुलाई को हरियाणा के हंसी जिले के चनोट गाँव में किसानों और ग्रामीणों के सामने मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी को ‘डमी’ कह कर सीधे टकराव को भड़का दिया। यह टिप्पणी तब आई जब गाँव में पीने के पानी की कमी को लेकर कई हफ्तों से विरोध प्रदर्शन चल रहा था।
पृष्ठभूमि और जल संकट
चानोट गाँव, जो भाखड़ा जल‑पर्योजना के मार्ग पर स्थित है, कई महीनों से पीने के पानी की ट‑कनेक्शन की माँग कर रहा है। मई 2026 में ग्रामीणों ने ‘टी‑कनेक्शन’ की मांग को लेकर अनधिकृत रूप से पाइपलाइन को जोड़ने की कोशिश की, जिससे पुलिस ने रात में लाठी चार्ज और जल गैस के साथ कार्रवाई की। इस घटना ने प्रदेश में जल‑सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी।
प्रदर्शन की विस्तृत झलक
गाँव में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल, रैलियां और रात्रिकालीन धीरज परीक्षण जारी हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जल‑जैवण मिशन के तहत प्रस्तावित 8 किमी की नई पाइपलाइन के देरी से उन्हें पीने के पानी की उपलब्धता में सुधार नहीं मिल रहा। इस बीच, कांग्रेस के सांसद दीपेंद्र हुडा और भारतीय राष्ट्रीय लोक दल के अभय चौताला जैसे वरिष्ठ राजनेता भी समर्थन में आए हैं।
राजनीतिक प्रभाव और चौताला का बयान
चौताला ने सभा में कहा, “यह सीएम ‘डमी’ है, असली सीएम दिल्ली में बैठा है और राज्य का संचालन राजेश खुल्लर कर रहे हैं। यह खटर‑खुल्लर सरकार है, वह सिर्फ एक मोहर है।” उन्होंने यह भी जोड़ते हुए कहा कि “जनता द्वारा चुनी गई सरकार को जनता के हित में कानून बनाना चाहिए, न कि कानूनी अंतराल को बहाने के रूप में उपयोग करना चाहिए।”
सरकार की प्रतिक्रिया
हरियाणा सरकार ने बताया कि एएमआरयूटी (AMRUT) पाइपलाइन को चनोट तक पहुँचाने से हंसी शहर के जल‑दबाव पर असर पड़ेगा, इसलिए उन्होंने जल‑जैवण मिशन के तहत अलग से 8 किमी की पाइपलाइन की योजना प्रस्तावित की है। परंतु ग्रामीणों ने इस प्रस्ताव को ‘विलंब’ का कारण बताया है और इसे अस्वीकृत कर दिया है।
आगे का मार्ग और संभावित परिणाम
जैसे-जैसे विरोध तेज़ हो रहा है, राजनीतिक दलों के बीच गठबंधन और विरोधी आवाज़ें बढ़ रही हैं। चौताला ने कहा कि “जिन्हें सत्ता मिली है उन्हें सड़क पर धकेलना होगा, तभी वे जनता को शांत करेंगे।” यदि यह आंदोलन जारी रहा तो यह प्रदेश में जल‑नीति को पुनः परिभाषित कर सकता है और आगामी विधानसभा चुनावों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।