मुख्यमंत्री ने तंबाकू कंपनियों को न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹200 प्रति किलोग्राम से ऊपर खरीद सुनिश्चित करने और नीलामी प्रक्रिया को तेज करने का आह्वान किया, जबकि कंपनियां उत्पादन‑आपूर्ति अंतर को कारण बताती हैं।

विजयवाड़ा (08 जुलाई, 2026) – अंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री न. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को तंबाकू कंपनियों को तुरंत खरीद में तेज़ी लाने और नीलामी प्रक्रिया को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया, जिससे किसानों के भरोसे को पुनः स्थापित किया जा सके। यह निर्देश राज्य सचिवालय में तंबाकू बोर्ड के अधिकारियों और 28 कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ हुई समीक्षा बैठक के बाद दिया गया।

प्रमुख चिंताएँ और सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री ने कंपनियों की ओर से किए गए खरीद प्रतिबद्धताओं को पूरा न करने को "अनुचित देरी" कहा और चेतावनी दी कि जो भी फर्में किसानों को असुविधा पहुंचाएंगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹200 प्रति किलोग्राम से नीचे की किसी भी कीमत पर तंबाकू की खरीद अस्वीकार्य है।

कंपनियों की ओर से प्रस्तुत कारण

तंबाकू कंपनियों के प्रवक्ता ने बताया कि वर्तमान संकट का मुख्य कारण किसानों द्वारा उत्पादन‑आपूर्ति अनुशासन की कमी है। उन्होंने कहा कि इस साल किसानों ने 232 मिलियन किलोग्राम तंबाकू उगाया, जबकि कंपनियों ने कुल 142 मिलियन किलोग्राम के लिए इन्डेंट दाखिल किए थे, जिससे बाजार में भारी अधिशेष और कीमतों में गिरावट आई। साथ ही, निर्यात में गिरावट के कारण कंपनियों की खरीद क्षमता सीमित हो गई है।

इतिहास और तुलनात्मक विश्लेषण

नायडू ने कहा कि पड़ोसी कर्नाटक में समान समस्याएं नहीं देखी गईं, जिससे अंध्र प्रदेश की नीतियों और कार्यान्वयन में अंतर स्पष्ट होता है। उन्होंने तंबाकू बोर्ड की कार्यक्षमता पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि पाँचवीं बार इस सीजन में समान मुद्दे पर समीक्षा करना कंपनियों की लापरवाही का संकेत है। प्रमुख निर्माता – आईटीसी लिमिटेड, गोफ्री फिलिप्स इंडिया और वीएसटी इंडस्ट्रीज – ने मिलकर 95.5 मिलियन किलोग्राम के इन्डेंट दायर किए थे, परंतु अब तक केवल 17.6 मिलियन किलोग्राम ही खरीदा गया है।

आगे का रास्ता और संभावित परिणाम

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अगर किसानों को वैकल्पिक फ़सलें अपनाने के लिए मजबूर किया गया, तो कंपनियों की दीर्घकालिक प्रतिष्ठा और बाजार हिस्सेदारी दोनों को नुकसान होगा। उन्होंने सभी कंपनियों से आग्रह किया कि वे MSP से ऊपर की कीमतों पर खरीदी को प्राथमिकता दें और खुले बाजार की कमी को दूर करने के लिए त्वरित कदम उठाएँ। इस दिशा-निर्देश के साथ, सरकार ने भी कहा कि भविष्य में इन्डेंट दायर करने वाले प्रत्येक फर्म को वास्तविक खरीद क्षमता के आधार पर ही प्रतिबद्धता करनी होगी, ताकि उत्पादन‑आपूर्ति असंतुलन को न्यूनतम किया जा सके।

समाप्ति में, इस कदम को अंध्र प्रदेश के कृषि‑औद्योगिक संतुलन को सुधारने के एक प्रमुख प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जिससे न केवल तंबाकू किसानों की आय स्थिर होगी, बल्कि राज्य की निर्यात क्षमता भी पुनर्जीवित हो सकती है।