तमिलनाडु उच्च शिक्षा मंत्री पी. विश्वनाथन ने नई गठबंधन को 2029 के लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु और पुडुचेरी में जीत की आशा जताई। कांग्रेस के भीतर रणनीतिक बदलाव और राहुल गांधी की फोन कॉल ने इस नई राजनीति को दिशा दी।

तमिलनाडु उच्च शिक्षा मंत्री पी. विश्वनाथन ने 8 जुलाई को पुडुचेरी प्रदेश कांग्रेस कमिटी (PPCC) के कार्यालय में आयोजित समारोह में कहा कि कांग्रेस अब ड्राविडियन मोदि किंग (DMK)‑प्रधान गठबंधन से बाहर निकल चुकी है और नई गठबंधन के साथ 2029 के लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु‑पुडुचेरी दोनों क्षेत्रों में जीत की उम्मीद है। यह बयान कांग्रेस के भीतर रणनीतिक पुनर्संरचना का संकेत है, जो पिछले विधानसभा चुनावों में पार्टी की सीमित भूमिका को बदलने का प्रयास करता है।

इतिहासिक पृष्ठभूमि और पार्टी‑डायनामिक

पिछले दो दशकों में कांग्रेस ने तमिलनाडु में लगातार सत्ता‑साझेदारी के लिए विभिन्न गठबंधनों की कोशिश की, परन्तु अक्सर सत्ता‑साझेदारी से बाहर रहकर केवल सहयोगी भूमिका निभाई। 2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने DMK के साथ गठबंधन किया, लेकिन सत्ता‑साझेदारी की माँगें पूरी नहीं हुईं, जिससे पार्टी के कार्यकर्ता निराश हुए। इस संदर्भ में विश्वनाथन ने उल्लेख किया कि "एक फोन कॉल"—राहुल गांधी द्वारा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को—ने राजनीति के परिदृश्य को बदल दिया।

नई गठबंधन की रूपरेखा

विश्वनाथन ने बताया कि कांग्रेस ने टीवीके (TVK) के साथ पोस्ट‑पोल गठबंधन की दिशा में कदम बढ़ाया है। यह गठबंधन पूर्व में कुछ वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध किया गया था, परन्तु राहुल गांधी ने इसे समर्थन दिया। यदि यह गठबंधन प्री‑पोल के रूप में स्थापित होता, तो कांग्रेस को उपमुख्यमंत्री, दस मंत्रियों और लगभग 70 विधायक पदों का दायरा मिल सकता था। अब, पार्टी का लक्ष्य 2029 के लोकसभा में तमिलनाडु के 39 और पुडुचेरी के 1 सीटों को जीतना है।

पुडुचेरी में रणनीतिक महत्व

पुडुचेरी में कांग्रेस ने ऐतिहासिक रूप से मजबूत आधार बनाया है, हालांकि हाल के विधानसभा चुनावों में अस्थायी झटका लगा था। विश्वनाथन ने कहा कि "पार्टियों के भीतर कुछ चालाक लोग" ने टीवीके के साथ गठबंधन को बिगाड़ा, परन्तु पार्टी अब इस बाधा को पार कर सभी 40 सीटों पर जीत हासिल करने की योजना बना रही है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कांग्रेस ने स्थानीय कार्यकर्ताओं को पुनर्गठित करने, युवा नेताओं को सामने लाने और विकास‑केन्द्रित एजेंडा पेश करने का संकल्प लिया है।

भविष्य की संभावनाएँ और राष्ट्रीय प्रभाव

यदि कांग्रेस इस नई गठबंधन के साथ 2029 के लोकसभा में बड़ी जीत हासिल करती है, तो यह राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के पुनरुत्थान का संकेत होगा। यह न केवल दक्षिण भारत में कांग्रेस की स्थिति को सुदृढ़ करेगा, बल्कि केंद्र में गठबंधन सरकार बनाने की संभावनाओं को भी पुनः सक्रिय करेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस रणनीति की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि पार्टी अपने मूल मतदाताओं को पुनः आकर्षित कर सके और स्थानीय विकास मुद्दों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सके।