बंगालूरू के ग्रेटर बेंगलोर अथॉरिटी ने 30,000 से अधिक गिनती की कमी को दूर करने के लिए स्ट्रीट विक्रेताओं की नई गिनती करने का आदेश दिया है। सरकार ने प्रावधिक टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) के माध्यम से स्ट्रीट वेंडर एक्ट को लागू करने का वादा किया।
ग्रेटर बेंगलोर अथॉरिटी (जीबीए) ने 9 जुलाई 2026 को घोषणा की कि शहर में स्ट्रीट विक्रेताओं की संख्या को फिर से गिना जाएगा, क्योंकि पिछली सर्वेक्षण में केवल 30,000 से अधिक विक्रेताओं को दर्ज किया गया था, जबकि वास्तविक संख्या 80,000 से अधिक है। यह कदम शहर के व्यापारिक परिदृश्य को पारदर्शी बनाने और स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत विक्रेताओं के अधिकारों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पृष्ठभूमि और कानूनी ढांचा
भारत का स्ट्रीट वेंडर एक्ट, 2014, शहरी क्षेत्रों में स्ट्रीट वेंडरों के लिए एक वैधानिक ढाँचा स्थापित करता है, जिसमें पहचान कार्ड, नोटिफाइड वेंडिंग ज़ोन और सुरक्षा के प्रावधान शामिल हैं। हालाँकि, शहरों में अक्सर सर्वेक्षणों में कमी, अनौपचारिक व्यापारियों का गुमनाम होना और सड़क अवरोध के कारण अधूरी गिनती का सामना करना पड़ता है।
जीबीए की नई पहल
कृष्णा बायरे गोवड़ा, जीबीए के मंत्री, ने स्ट्रीट वेंडर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में कहा कि प्रावधिक टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) के माध्यम से कार्यवाही शुरू की जाएगी। यह व्यवस्था विक्रेताओं को आधिकारिक पहचान कार्ड जारी करने और उन्हें नोटिफाइड वेंडिंग ज़ोन में पुनःस्थापित करने का वादा करती है। इसके अतिरिक्त, 2,285 विज्ञापन होर्डिंग्स और 1,581 सीढ़ियाँ जो फुटपाथ पर कब्जा कर रही थीं, को हटाया गया है, जिससे 10% फुटपाथ स्थान खाली हुआ है।
सड़क सुरक्षा और शहरी सुधार
पिछले तीन वर्षों में 935 पैदल यात्रियों की मृत्यु, 3,601 दुर्घटनाएँ और 3,800 घायल होने की रिपोर्ट के बाद, जीबीए ने सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। अब 10 जुलाई से परित्यक्त वाहनों को हटाने का कार्य शुरू होगा और उन्हें नीलामी के माध्यम से बेचने की योजना है। यह कदम शहर की अवसंरचना को साफ़ करने और व्यापारियों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने का हिस्सा है।
विक्रेताओं का दृष्टिकोण और भविष्य की चुनौतियाँ
विक्रेताओं ने अपनी असंतुष्टि व्यक्त की थी कि गिनती में त्रुटियाँ उन्हें अनौपचारिक क्षेत्र में रहने के लिए मजबूर करती हैं। मंत्री ने बताया कि यह पुनर्गठन केवल सुधार के लिए है, न कि किसी को निशाना बनाने के लिए। यदि शहर के फुटपाथ को फिर से व्यवस्थित किया गया तो विक्रेता अपने व्यवसाय को अंदरूनी सड़कों पर स्थानांतरित कर सकेंगे, जिससे ट्रैफिक और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।