महाड नगर परिषद के मुख्य अधिकारी के खिलाफ बीजेपी काउंसिलर सूरज बामाने और दो सहयोगियों पर हमला करने का मामला दर्ज हुआ। जल पाइपलाइन की समस्या को लेकर हुए विवाद में अधिकारी को छतरी से मारने और मारी गई, जिससे कर्मचारियों ने हड़ताल का ऐलान किया। पुलिस ने आरोपी को नोटिस जारी कर जांच तथा कोर्ट कार्यवाही में सहयोग की मांग की है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • बीजेपी काउंसिलर सूरज बामाने और दो सहयोगियों पर सार्वजनिक अधिकारी पर हमला करने का FIR दर्ज
  • जल आपूर्ति समस्या को लेकर विवाद, अधिकारी को छतरी व मुट्ठी से चोट
  • कर्मचारियों ने हड़ताल की, पुलिस ने नोटिस जारी कर सहयोग की मांग की

महाड नगर परिषद के मुख्य अधिकारी धनंजय कोलेकर पर 10 जुलाई को हुए हमले की शिकायत के बाद बीजेपी काउंसिलर सूरज बामाने (38) और उनके दो सहयोगी किरण पाटिल (45) तथा सागर सर्वे (28) के खिलाफ FIR दर्ज किया गया। यह घटना तब घटित हुई जब बामाने ने अपने वार्ड (नं. 6) में जल आपूर्ति न होने की शिकायत उठाई, जो कि कुरला जलाशय से चलने वाली भूमिगत पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने के कारण थी।

पृष्ठभूमि एवं जल आपूर्ति संकट

महाड में जल संकट पिछले कई महीनों से बना हुआ था। नगर निगम ने नदियों के तल में कीचड़ हटाने के दौरान पाइपलाइन को क्षति पहुंचाई, जिससे कई वार्डों में पानी की कमी हुई। बामाने ने कहा कि उनके वार्ड के निवासियों को दैनिक जीवन में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए उन्होंने कोलेकर को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह ठहराया।

हिंसात्मक उग्रता और FIR की धाराएँ

फिरफाड़ के दौरान बामाने ने कोलेकर के सिर पर छतरी से कई बार प्रहार किया, जबकि एक सहयोगी ने उसे गले से पकड़कर मारने की कोशिश की और दूसरा अभद्र शब्दों के साथ उसे घुटने से नीचे धकेल दिया। FIR में उन्हें सार्वजनिक अधिकारी के खिलाफ आपराधिक बल प्रयोग करने और आधिकारिक कर्तव्यों में बाधा डालने के तहत भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धारा के तहत बुक किया गया।

कर्मचारी हड़ताल और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

घटना के बाद परिषद के कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी और यह शर्त रखी कि बामाने और उनके सहयोगियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, नहीं तो हड़ताल जारी रहेगी। शिवसेना के महाड विधायक भारत गोगावले ने इस हिंसा की कड़ी निंदा की और कहा कि चुने हुए प्रतिनिधि को सार्वजनिक अधिकारी पर हमला करने का कोई हक़ नहीं। उन्होंने सभी राजनीतिक पार्टियों से अपील की कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाए।

पुलिस कार्रवाई और भविष्य की दिशा

महाड शहर के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नयन एंकशिंगे ने बताया कि अभी तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत नोटिस जारी किया गया है, जिससे उन्हें जांच के लिये सहयोग करने का आदेश दिया गया है। यदि सहयोग नहीं किया गया तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से स्थानीय राजनीति में सार्वजनिक अधिकारी की सुरक्षा और जिम्मेदारी के प्रति गंभीर प्रश्न उठते हैं, तथा यह भविष्य में समान मामलों को रोकने हेतु कड़ी निगरानी की आवश्यकता को रेखांकित करता है।