मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बेलगाम में घोषणा की कि राज्य प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को 1 करोड़ रुपये तुरंत प्रदान करेगा, ताकि ग्रामीण जल आपूर्ति परियोजनाओं को तेज़ी से शुरू किया जा सके। यह निधि डिप्टी कमिश्नरों के व्यक्तिगत जमा खातों से अलग होगी।
बेलगाम में 9 जुलाई, 2026 को मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने एक प्रमुख घोषणा की: केर्नाटक सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को तत्काल 1 करोड़ रुपये आवंटित करेगी, ताकि जल आपूर्ति कार्यों को तेज़ी से लागू किया जा सके। यह धनराशि डिप्टी कमिश्नरों के व्यक्तिगत जमा खातों से अलग होगी और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जल की कमी को दूर करने के लिए उपयोग की जाएगी।
दुष्कर परिस्थितियों में जल संकट
केर्नाटक के अधिकांश जिलों में, विशेषकर किट्टूर के कुछ हिस्सों को छोड़कर, सूखे जैसी स्थिति ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जल की कमी को गंभीर बना दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा, "जल आपूर्ति, विशेषकर पीने के पानी की उपलब्धता, हमारी प्राथमिकता है और हम सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी शहर या गांव जल संकट से पीड़ित न हो।" यह बयान पिछले कुछ महीनों में दर्ज तेज़ी से घटती जल स्तर और किसानों की बढ़ती शिकायतों के संदर्भ में आया है।
वन विभाग के साथ समन्वय
कई विधायक ने बताया कि लगभग 40 स्थानों पर वन अधिकारियों ने जल आपूर्ति पाइपलाइन की स्थापना को रोक दिया था। शिवकुमार ने निर्देश दिया कि वन विभाग के अधिकारी अब जल आपूर्ति के लिए भूमिगत पाइपलाइन की स्थापना में बाधा नहीं बनेंगे और स्कूल एवं अन्य आवश्यक संस्थानों के जल आपूर्ति के लिए मंजूरी प्रक्रिया को तेज़ करेंगे। साथ ही, वन में रहने वाले लोगों को विस्थापित नहीं किया जाएगा और बिना अनुमति के खेती के नियमितीकरण के आवेदन को नकारा नहीं जाएगा।
स्मार्ट निगरानी और भविष्य के कदम
आयोध्या श्री राम मंदिर में निधियों के दुरुपयोग की घटनाओं को देखते हुए, मुख्यमंत्री ने सभी मंदिरों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने की योजना की घोषणा की। इन कैमरों की लाइव फ़ीड पुलिस और डिप्टी कमिश्नर कार्यालय को भेजी जाएगी, जिससे मंदिरों में पारदर्शिता बढ़ेगी। इसके अलावा, कुछ विधायक ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों में क्लाउड सीडिंग की मांग की है; इस विषय पर विशेषज्ञों और अधिकारियों से चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
राज्य-स्तरीय जल परियोजनाओं का राष्ट्रीय सहयोग
शिवकुमार ने बताया कि केर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना ने मिलकर कृष्णा, कावेरी और गोदावरी नदियों को जोड़ने की परियोजना पर समझौता किया है। यह ऐतिहासिक कदम केंद्रीय सरकार को सूचित कर दिया गया है, जिससे भविष्य में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की उम्मीद की जा रही है।
इन सभी पहलों के माध्यम से केर्नाटक सरकार जल संकट को कम करने, ग्रामीण विकास को सुदृढ़ करने और सामाजिक पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में स्पष्ट कदम उठा रही है।