तेलंगाणा के कार्यकारी मंत्री K. T. Rama Rao (KTR) ने कांग्रेस‑संचालित राज्य सरकार पर जनता का भरोसा खोने का आरोप लगाया। उन्होंने एक सर्वेक्षण के आधार पर बताया कि अगर अभी चुनाव हों तो बीआरएस को ७८ सीटों की बड़ी बहुमत मिल सकती है।

हैदराबाद – K. T. Rama Rao (KTR), तेलंगाणा के बहुजन राष्ट्रवादी पार्टी (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष, ने हाल ही में आयोजित एक समीक्षात्मक बैठक में कांग्रेस‑शासित राज्य सरकार के प्रति जन‑असंतोष को बयां किया। यह बयान रिवंथ रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के प्रति एक स्पष्ट प्रतिद्वंद्विता को उजागर करता है, जिसका उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों में बीआरएस को पुनः सत्ता में लाना है।

पृष्ठभूमि और राजनीतिक माहौल

तेलंगाणा में 2014 में स्थापित बीआरएस ने दो लगातार चुनावों में भारी जीत हासिल की, जबकि 2024 के चुनाव में कांग्रेस ने सत्ता हासिल कर ली। इस परिवर्तन के बाद से बीआरएस ने अपनी रणनीति को पुनः परिभाषित किया, विशेषकर K. Chandrashekar Rao (KCR) के बाद के नेतृत्व में। KTR, जो पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार और राजनैतिक चेहरा हैं, इस पुनरुत्थान की दिशा में कई बार सार्वजनिक मंचों पर आह्वान कर चुके हैं।

सर्वेक्षण के मुख्य परिणाम

कांग्रेस सरकार द्वारा अनिवार्य रूप से आयोजित एक सर्वेक्षण, जो मुख्यमंत्री रिवंथ रेड्डी ने आदेशित किया था, ने जन‑संतोष में गिरावट दिखायी। KTR के अनुसार, इस सर्वेक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि यदि चुनाव तुरंत आयोजित हों तो बीआरएस लगभग ७८ विधानसभा सीटों पर कब्ज़ा कर लेगा। इस आंकड़े को उन्होंने "जोरदार जन‑इच्छा" के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय और राज्य स्तर की खुफिया एजेंसियों के आकलनों में समान प्रवृत्ति देखी गई, जिससे कांग्रेस की नीतियों पर विश्वास का स्तर घट रहा है।

मुख्य मुद्दे और विरोधी आरोप

KTR ने कांग्रेस सरकार के प्रमुख कार्यों, जैसे कि Kaleshwaram जल प्रकल्प और Rythu Bandhu योजना, को आलोचना का आधार बनाया। उनका कहना है कि ये परियोजनाएँ जनता के वास्तविक जरूरतों को नहीं छू पातीं, जबकि सरकार इन पर ध्यान भटकाने के लिए आलोचना करती है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कई नागरिकों ने पूर्व मुख्य मंत्री KCR को फिर से सत्ता में देखने की इच्छा जताई है, जिससे बीआरएस को "पर्यायी विकल्प" के रूप में मान्यता मिल रही है।

आगे की रणनीति और चुनावी तैयारियां

बैठक के दौरान KTR ने बीआरएस के कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) के भीतर मतदाता सूची की "स्पेशल इंटेन्सिव रिवीजन (SIR)" पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्थानीय विधायक, पार्टी कार्यकर्ता और बूथ‑लेवल एजेंट (BLA) को समन्वयित कार्य करने की अपील की, जिससे मतदाता सूची में सुधार और संभावित मतदाता वर्ग को सुदृढ़ किया जा सके। यह रणनीति आगामी चुनाव में बीआरएस की जीत की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए तैयार की जा रही है।

भविष्य की संभावनाएँ

यदि KTR के दावों को सत्य माना जाए, तो तेलंगाणा की राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव आ सकता है। कांग्रेस को अब न केवल अपनी नीतियों को पुनः मूल्यांकन करना होगा, बल्कि जन‑विश्वास को पुनः स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। दूसरी ओर, बीआरएस अपने प्रचार‑प्रसार को और अधिक सुदृढ़ कर, KCR के समर्थन को भी मिलाकर, 2026 के विधानसभा चुनावों में बहु‑संकट मोड़ की स्थिति में हो सकता है।