तीरुनेलवेली पुलिस ने वीरवनल्लूर में दोहरी हत्या के आरोपी को जंगल में छिपते हुए माचेट से हमला करने पर गोली मारकर गिरफ्तार किया। घायल संदेहियों को अब चिकित्सकीय देखभाल मिल रही है, और मामले की जांच तेज़ी से चल रही है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • वीरवनल्लूर दोहरी हत्या मामला
  • संदिग्ध पर माचेट हमला और गोलीबारी
  • संदिग्ध को अस्पताल में स्थिर स्थिति में भर्ती

तीरुनेलवेली पुलिस ने शुक्रवार को वीरवनल्लूर के पास स्थित जंगल में छिपे 14वें संदिग्ध को गिरफ्तार किया, जब वह एक पुलिस कांस्टेबल पर माचेट से हमला कर रहा था। यह घटना दोहरी हत्या केस से जुड़ी है, जिसमें 35 वर्षीय कलिमुथु और उनके पाँच साल के बेटे जयराज की 2 जुलाई को हत्या की गई थी।

पृष्ठभूमि और संदिग्ध की पहचान

संदिग्ध, जिसका नाम कृष्णन (उपनाम अजिथ) है, 28 वर्ष का रहने वाला मूलाचि गांव का निवासी है। वह कलिमुथु‑जयराज हत्या में मुख्य आरोपियों में से एक है और पुलिस ने उसे 80 फीट चैनल के पास जंगल में छिपा पाया।

घटना का विवरण

सब‑इंस्पेक्टर स्नेहन और उनकी टीम ने सूचना मिलने पर तुरंत मौके पर पहुँचा। कृष्णन ने कांस्टेबल परमसिवन पर माचेट से वार किया, जिससे कांस्टेबल के बाएँ हाथ में कट का घाव आया। आगे की हिंसा को रोकने के लिए स्नेहन ने अपनी सर्विस पिस्टल से गोली चलाई, जिससे कृष्णन के बाएँ घुटने के नीचे गोली लगी। संदेहियों को तुरंत शक्ति के साथ नियंत्रित किया गया और चिकित्सकीय सहायता के लिए चेरनमहादेवी सरकारी अस्पताल ले जाया गया, फिर तिरुनेलवेली मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।

वर्तमान स्थिति और सुरक्षा उपाय

रिपोर्टों के अनुसार, कृष्णन की स्थिति स्थिर है और उसे अस्पताल में निरंतर निगरानी में रखा गया है। अस्पताल के वार्ड में भारी हथियाराबंद पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि कोई भी अनपेक्षित घटना न हो। बाद में तिरुनेलवेली के पुलिस सुपरिंटेंडेंट विश्वेश बालासुब्रमणियम शास्त्री ने घायल कांस्टेबल को अस्पताल में मिलने का दौरा किया।

भविष्य की दिशा

इस गिरफ्तारी से पुलिस को केस की सच्चाई तक पहुँचने में महत्वपूर्ण मदद मिलने की उम्मीद है। जांचकर्ता अब मृतकों के परिवार के साथ संवाद कर रहे हैं और हत्या के पीछे के संभावित मोटिव और सहयोगियों की पहचान करने की प्रक्रिया में हैं। यह घटना राज्य में कानून प्रवर्तन की तत्परता को उजागर करती है, साथ ही सामाजिक सुरक्षा और न्याय के प्रति सार्वजनिक भरोसे को भी सुदृढ़ करती है।