तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ ने केविथा के भाजपा-समर्थित BRS के वित्तीय आरोपों को सत्यापित करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कांग्रेस के भीतर तथ्य-खोज प्रक्रिया और विरोधी पार्टियों के रोजगार वाक्‍तव्यों पर सवाल उठाए।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • केविथा ने BRS के ₹1,400 करोड़ के धन स्रोत को क्विड‑प्रो‑क्वो सौदे बताया।
  • तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष ने इन आरोपों की जाँच को तथ्य‑आधारित मिशन कहा।
  • राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में रोजगार वादे और जल‑परियोजनाओं की कमियों को प्रमुख मुद्दा बनाया गया।

तेलंगाना कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी समिति (TPCC) के अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ ने शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को गांधी भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि तेलंगाना रक्षक सेना (TRS) की मुख्य कार्यकारी केविथा द्वारा उठाए गए BRS के वित्तीय स्रोत के आरोपों में “तथ्यात्मक आधार” है। केविथा ने दावा किया कि भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने आंध्र प्रदेश के ठेकेदारों के साथ क्विड‑प्रो‑क्वो समझौते के माध्यम से लगभग ₹1,400 करोड़ प्राप्त किए हैं।

पृष्ठभूमि और राजनीतिक माहौल

केविथा ने यह आरोप अपने पिता केजरीवाल राजनाथ सिंह (KCR) के पक्ष में चल रहे राजनैतिक संघर्ष के हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया। पिछले वर्ष के राज्य चुनाव में BRS ने भारी बहुमत से जीत हासिल की, परन्तु वित्तीय पारदर्शिता और जल‑परियोजनाओं की कार्यवाही पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। कांग्रेस ने इन मुद्दों को अपने चुनावी रणनीति का केंद्र बनाते हुए, विशेषकर जल‑संसाधन प्रबंधन और रोजगार सृजन पर ध्यान दिया है।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया और तथ्य‑खोज प्रक्रिया

गौड़ ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अपने भीतर एक तथ्य‑खोज मिशन चलाएगी, जिसमें दो वरिष्ठ नेता – AICC सचिव सचिन सवंत और कांग्रेस नेता टी. जगा रेड्डी – को विभिन्न मामलों की जाँच के लिए नियुक्त किया गया है। इन मामलों में विधायक कडियाम श्रीहरी, मंत्री कोंडा सुरेखा और टुंगटुर्थी निर्वाचन क्षेत्र के धन प्रवाह की जाँच शामिल है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बुनियादी मुद्दे: जल‑परियोजनाएँ और रोजगार वादे

गौड़ ने पिछले BRS शासन के तहत लागू किए गए जल‑परियोजनाओं, विशेषकर कालेश्वरम जलधारा की संरचनात्मक खामियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इरिगेशन मंत्री टी. हारिश राव को इन परियोजनाओं की विफलता की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने बीजेपी के वित्त मंत्री एटाला राजेंदर की आलोचना की, जो BRS के शासन में जल‑संसाधनों के दुरुपयोग को चुपचाप देख रहे थे।

भविष्य की दिशा

कांग्रेस ने दो करोड़ रोजगार बनाने के वादे को लेकर बीजेपी को चुनौती दी है, यह कहते हुए कि बिना ठोस कार्य योजना के वोट मांगना अस्वीकार्य है। गौड़ ने यह भी कहा कि राज्य निगमों में नियुक्तियों का निर्णय मुख्यमंत्री ए. रेवनथ रेड्डी और AICC तेलंगाना इन‑चार्ज मीनााक्षी नटराजन के बीच 15 जुलाई को होने वाली बैठक के बाद ही लिया जाएगा। यह राजनीतिक टकराव यह दर्शाता है कि तेलंगाना के भविष्य में वित्तीय पारदर्शिता, जल‑संसाधन प्रबंधन और रोजगार सृजन प्रमुख मुद्दे बनकर उभरेंगे।