केरल के गृह मंत्री रमेश चेनिथाला ने ऑपरेशन तूफ़ान को निरंतर चलाने का वादा किया, जिससे राज्य में ड्रग नेटवर्क को पूरी तरह से समाप्त किया जाएगा। उन्होंने चालाकुडी के कार्मेल हाई स्कूल में एक साल लंबी एंटी‑ड्रग मोहीमा और छात्र‑नेतृत्व वाली जागरूकता पहल का शुभारम्भ किया।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- ऑपरेशन तूफ़ान को ड्रग नेटवर्क पूरी तरह खत्म होने तक जारी रखा जाएगा
- कार्मेल हाई स्कूल में एक साल की एंटी‑ड्रग कैंपेन शुरू
- छात्रों को ‘कार्मेल वारियर्स’ शॉर्ट फ़िल्म पहल में भाग लेने के लिये प्रेरित किया गया
केरल के गृह तथा सतर्कता मंत्री रमेश चेनिथाला ने शनिवार को थ्रिसूर के चालाकुडी में कार्मेल हाई स्कूल में आयोजित समारोह में कहा कि राज्य सरकार का एंटी‑ड्रग अभियान ‘ऑपरेशन तूफ़ान’ अब तक के सबसे महत्वाकांक्षी प्रयासों में से एक है और इसे ड्रग व्यापारियों के खिलाफ ‘मौत के व्यापारी’ को खत्म करने तक नहीं रोका जाएगा।
पृष्ठभूमि और राष्ट्रीय संदर्भ
पिछले पाँच वर्षों में केरल ने देश के सबसे अधिक नशीली दवाओं के सेवन वाले राज्यों में से एक का खिताब पाया है। राष्ट्रीय स्तर पर भी ड्रग कार्टेल्स ने अपने नेटवर्क को दक्षिण एशिया में विस्तारित करने की कोशिश की है, जिससे युवा वर्ग विशेष रूप से खतरे में है। इस संदर्भ में ऑपरेशन तूफ़ान को एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, जिसमें पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठनों के बीच समन्वित कार्रवाई को प्रमुखता दी गई है।
छात्र‑नेतृत्व वाली पहल
समारोह में ‘कार्मेल वारियर्स’ नामक एक छात्र‑नेतृत्व वाली शॉर्ट फ़िल्म पहल का उद्घाटन किया गया। यह पहल छात्रों को ड्रग के दुष्प्रभावों को दर्शाने वाले छोटे वीडियो बनाने के लिये प्रोत्साहित करती है, जिससे युवा वर्ग में जागरूकता का स्तर बढ़ेगा। साथ ही, 10,000 से अधिक प्रतिभागियों को शामिल करने वाली हस्ताक्षर मुहिम भी शुरू की गई, जिसमें छात्रों को ‘ड्रग नहीं, जीवन’ का वचन देने के लिये कहा गया।
समुदाय की भूमिका और कड़ी कार्रवाई
मंत्री ने समाज के सभी वर्गों से सहयोग की अपील की, यह बताया कि ड्रग तस्करों को पकड़ने और उनके खिलाफ सख्त क़ानूनी कार्रवाई करने के लिये पुलिस के विशेष इकाइयों को सशक्त किया गया है। इस अभियान में स्थानीय स्वेच्छा संगठनों, स्काउट्स‑गाइड्स, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) और स्कूल प्रबंधन के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की।
भविष्य की दिशा
ऑपरेशन तूफ़ान को अगले दो वर्षों में निरंतर जारी रखने की योजना है, जिसमें डिटेक्शन तकनीक, स्कूल‑आधारित पुनर्वास और पुनर्संयोजन कार्यक्रमों को प्रमुखता दी जाएगी। यदि इस पहल को सफलतापूर्वक लागू किया गया तो केरल को न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग‑मुक्त मॉडल स्टेट के रूप में स्थापित किया जा सकता है।