दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीएम‑उदय योजना के प्रारम्भिक चरण के लिये केंद्र से 100 करोड़ रुपये की सहायता माँगी है। यह निधि अनधिकृत क़स्बों में रहिवासियों को सम्पत्ति अधिकार प्रदान करने के बड़े लक्ष्य को साकार करने में मदद करेगी।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • दिल्ली CM ने 100 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता की मांग की
  • PM‑UDAY योजना 1,511 अनधिकृत कॉलोनी में सम्पत्ति अधिकार सुनिश्चित करेगी
  • 13 जिलों में समर्पित कार्यस्थल और आधुनिक सर्वेक्षण तकनीक लागू होगी

दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री-उदय (PM‑UDAY) योजना के प्रारम्भिक चरण के लिये केंद्र सरकार से 100 करोड़ रुपये की सहायता की औपचारिक अनुरोध किया। यह कदम, जो अनधिकृत कॉलोनी के रहिवासियों को वैध संपत्ति अधिकार प्रदान करने की दिशा में एक प्रमुख कदम है, राज्य‑स्तर के शहरी विकास एजेंडा में नई ऊर्जा का संचार करता है।

पृष्ठभूमि और योजना का महत्व

PM‑UDAY योजना, केंद्र सरकार द्वारा 2023 में शुरू की गई, का मूल उद्देश्य अनधिकृत बस्तियों को नियमित करना, भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल बनाना और रहिवासियों को कानूनी दस्तावेज़ प्रदान करना है। अब तक 1,511 ऐसे कॉलोनी को इस योजना के तहत समावेशित किया गया है, जिससे लाखों लोगों को स्थायी घर और आर्थिक सुरक्षा मिलने की संभावना है।

वित्तीय अनुरोध का विश्लेषण

मुख्यमंत्री ने बताया कि 100 करोड़ रुपये की राशि केवल प्रारम्भिक चरण के लिये आवश्यक है, जिसमें भूमि सर्वेक्षण, डिजिटल मैपिंग और 13 जिलों में विशेष कार्यशालाओं की स्थापना शामिल होगी। इस निधि को अगर मंजूर किया गया तो यह दिल्ली के शहरी नियोजन में पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देगा।

कार्यान्वयन के लिये संरचनात्मक तैयारियां

दिल्ली के सभी तेरह जिलों में समर्पित PM‑UDAY सेल स्थापित किए जाएंगे। इन कोशिकाओं का मुख्य काम भूमि डेटा को अद्यतन करना, निवासियों को दस्तावेज़ जारी करना और योजना के प्रगति की निगरानी करना होगा। इसके साथ ही आधुनिक भू‑सर्वेक्षण उपकरण और GIS‑आधारित मानचित्रण प्रणाली का उपयोग किया जाएगा, जिससे रिकॉर्ड की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

संभावित सामाजिक‑आर्थिक प्रभाव

जब अनधिकृत कॉलोनी को वैधता मिलेगी, तो न केवल बुनियादी सेवाओं (पानी, बिजली, स्वच्छता) का विस्तार होगा, बल्कि संपत्ति के कानूनी दर्जे के कारण बैंकों से ऋण प्राप्त करने की क्षमता भी बढ़ेगी। यह कदम शहरी गरीबी को घटाने और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध हो सकता है।

विशेषज्ञों की राय

शहरी नियोजन विशेषज्ञ डॉ. अनीता सिंह ने कहा, “यदि 100 करोड़ रुपये की सहायता समय पर मिलती है और उचित निगरानी के साथ उपयोग होती है, तो यह दिल्ली के अनधिकृत बस्तियों को आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।” उन्होंने यह भी जोड़ दिया कि भविष्य में इस मॉडल को अन्य राज्यों में दोहराया जा सकता है।