सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने बताया कि संजय दत्त के पास मौजूद AK‑56 के बारे में पुलिस को जानकारी देने से 1993 के घातक बम विस्फोटों को रोका जा सकता था। इस बयान से 1993 के मामलों में न्यायिक और राजनीतिक विमर्श फिर से गरम हो गया है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- उज्ज्वल निकम का दावा कि दत्त ने हथियारों की जानकारी नहीं दी
- संजय दत्त के पास AK‑56 राइफल थी
- पुलिस को सूचित करने से 1993 के बम ब्लास्ट रोके जा सकते थे
नई दिल्ली, 12 जुलाई 2026 – प्रमुख सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने आज के एक साक्षात्कार में कहा कि यदि फिल्म अभिनेता संजय दत्त ने 1993 के मुंबई बम ब्लास्ट की साजिश में उपयोग किए गए AK‑56 राइफल के बारे में पुलिस को सूचित किया होता, तो उन विनाशकारी हमलों को रोका जा सकता था।
पृष्ठभूमि
1993 के मुंबई बम ब्लास्ट, जो तीन दिनों में 12 जगहों पर हुए, लगभग 250 लोगों की मृत्यु और हजारों को घायल कर चुके थे। इस आतंकवादी योजना को उस समय के आपराधिक गिरोह ने तैयार किया था, जिसमें कई हथियारों की तस्करी भी शामिल थी। संजय दत्त, तब के बॉलीवुड स्टार, को हथियारों के धारण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, पर 2013 में टॉप कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया।
उज्ज्वल निकम का बयान
निकम ने कहा कि “अगर दत्त को उन हथियारों, विशेषकर AK‑56, की मौजूदगी का पता चलते ही वह तुरंत पुलिस को सूचित कर देते, तो सुरक्षा बल तुरंत कार्रवाई कर सकते थे और साजिश को नाकाम कर सकते थे।” उन्होंने यह भी जोड दिया कि दत्त ने कुछ हैंड ग्रेनेड वापस कर दिए थे, पर राइफल को छोड़ दिया था, जिससे वह कानूनी जटिलताओं में फँस गया।
संभावित प्रभाव
यदि इस प्रकार की जानकारी समय पर मिली होती, तो न केवल कई निर्दोष जीवों की जान बचती, बल्कि अपराधियों की तेज़ गिरफ्तारी और साजिश का भंडाफ़ोड़ भी संभव होता। इस परिप्रेक्ष्य में, निकम ने कहा कि दत्त का “अवसर” था, पर उन्होंने उसे “भुला दिया”।
विरोधी पक्ष की प्रतिक्रिया
निकम ने स्पष्ट किया कि “संजय दत्त कोई आतंकवादी नहीं थे; उनका इरादा केवल हथियारों का शौक था, न कि किसी हिंसक कार्य का।” यह बयान दत्त के समर्थकों द्वारा कड़ी निंदा का कारण बना, जबकि न्यायिक प्रक्रिया की पुनः समीक्षा की मांग भी बढ़ी।
भविष्य में इस बयान का राजनीतिक और कानूनी असर देखना बाकी है, क्योंकि यह न केवल 1993 के मामलों को फिर से खोलता है, बल्कि फिल्म जगत और न्याय व्यवस्था के बीच के संबंधों को भी परखा जाएगा।