दिल्ली के 1.45 करोड़ मतदाताओं की सूची को अद्यतन करने के लिए विशेष पुनरावृत्ति (SIR) अभियान तेज़ी से चल रहा है। 13 जुलाई तक 97% फॉर्म वितरित और 9.68% डिजिटल किए जा चुके हैं, और ब्लॉक‑लेवल ऑफिसर (BLO) सभी वास्तविक मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए अतिरिक्त प्रयास कर रहे हैं।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • दिल्ली में 1.45 करोड़ मतदाता, 97% फॉर्म वितरित
  • 9.68% फॉर्म डिजिटल किए गए, शेष 90% का मैन्युअल सत्यापन
  • ब्लो (BLO) अनियमित पते, प्रवासी मतदाता और डुप्लिकेशन को हल करने में सक्रिय

विशेष पुनरावृत्ति (Special Intensive Revision – SIR) अभियान का लक्ष्य चुनावी सूची को सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है। यह प्रक्रिया हर पाँच साल में एक बार संचालित होती है, लेकिन 2026 में दिल्ली में इसे एक महीने के तीव्र अभियान के रूप में लागू किया गया, जिससे मतदाता सूची में निहित त्रुटियों को न्यूनतम किया जा सके।

पृष्ठभूमि

राष्ट्रीय राजधानी के 1.45 करोड़ मतदाता 16 जून को फ्रीज़ किए गए अंतिम चुनावी रोल पर आधारित हैं। इस रोल को अपडेट करने के लिए 30 जून से शुरू किए गए SIR में 13,033 मतदान केंद्रों में 13,033 ब्लॉक‑लेवल ऑफिसर (BLO) ने घर‑घर जाकर फॉर्म वितरित किए। इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य लापता, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट मतदाताओं की पहचान करना है।

ब्लो की भूमिका

ब्लो, अक्सर स्थानीय स्कूल शिक्षक, अँगनवाड़ी या एएसएचए कार्यकर्ता, जनसंख्या के करीब होते हैं। वे मतदाताओं को फॉर्म भरने में मदद करते हैं, आवश्यक दस्तावेज़ (फ़ोटो, आधार कार्ड, वोटर आईडी) एकत्र करते हैं और फॉर्म को डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर अपलोड करते हैं। कई क्षेत्रों में, जैसे मेहरौली के राजोकरी पहाड़ी, ब्‍लो को “मास्टर जी” के रूप में सम्मानित किया जाता है, जिससे उनका भरोसा और पहुँच बढ़ती है।

मुख्य चुनौतियां

सड़कों के नाम, घर नंबर और पते की असंगतियों के कारण कई फॉर्म अधूरे रह जाते हैं। शहरी कस्बों और अनौपचारिक बस्तियों में पुराने पते अक्सर बदल चुके होते हैं, जिससे ब्लो को मौजूदा डेटा से मिलान करने में कठिनाई होती है। प्रवासी मतदाता, विशेषकर 2002 के बाद आए हुए, अतिरिक्त सत्यापन की मांग करते हैं, क्योंकि उनका नाम पिछले रोल में नहीं मिलता। इन समस्याओं को हल करने के लिए ब्लो समूह‑वितरण, फॉलो‑अप विज़िट और स्थानीय नेताओं के सहयोग का उपयोग करते हैं।

भविष्य की दिशा

जैसे ही SIR का महीना समाप्त होगा, ब्लो को शेष 90% फॉर्मों को डिजिटल करने और अंतिम ड्राफ्ट रोल तैयार करने का काम है। इस प्रक्रिया की सफलता न केवल 2026 के लोकसभा चुनावों की विश्वसनीयता को बढ़ाएगी, बल्कि भविष्य में भी अधिक पारदर्शी और डेटा‑ड्रिवेन चुनावी प्रक्रिया की नींव रखेगी।