71 वर्षीय दक्षिण कैरोलिना के वरिष्ठ सीनेटर लिंडसे ग्रैहम का शनिवार रात अचानक निधन हो गया। उनका निधन एक संक्षिप्त बीमारी के बाद हुआ, जबकि वे यूक्रेन की आधिकारिक यात्रा से लौटे थे और ट्रम्प के साथ अंतिम फोन कॉल कर चुके थे।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- सेनेटर लिंडसे ग्रैहम का अचानक निधन, हृदय रोग के कारण संभावित
- यूक्रेन की आधिकारिक यात्रा के बाद घर लौटे, ट्रम्प से आखिरी फोन कॉल
- एफबीआई ने स्थानीय अधिकारियों को सहायता प्रदान की, लेकिन कोई संदिग्ध कारण नहीं बताया गया
वॉशिंगटन, डी.सी. – दक्षिण कैरोलिना के अनुभवी सीनेटर लिंडसे ग्रैहम का 71 वर्ष की आयु में अचानक निधन हुआ। उनके कार्यालय ने बताया कि यह “संक्षिप्त और अचानक बीमारी” के कारण हुआ, जबकि प्रारंभिक चिकित्सा रिपोर्ट ने हृदय संबंधी रोग, विशेषकर आर्टेरियोस्क्लेरोटिक कार्डियोवस्कुलर रोग को संभावित कारण बताया।
ट्रम्प के साथ अंतिम फोन कॉल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बताया कि उन्होंने ग्रैहम से मृत्यु से एक दिन पहले फोन पर बात की थी और उस समय उन्हें “ठीक” लग रहा था। ट्रम्प ने NBC के Meet the Press में कहा कि कॉल के बाद ही अचानक हृदय रोग का प्रकोप हुआ, जिससे आपातकालीन सेवाएँ रात 7:30‑8:00 बजे तक पहुँचीं।
यूक्रेन यात्रा और नई प्रतिबंधों की तैयारी
ग्रैहम ने एक दिन पहले यूक्रेन की आधिकारिक यात्रा पूरी की थी, जहाँ उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर ज़ेलेंस्की से मुलाकात की और रूस के खिलाफ नई प्रतिबंधों पर चर्चा की। इस यात्रा के दौरान उनकी स्वास्थ्य स्थिति सार्वजनिक रूप से ठीक थी, जिससे उनकी अचानक मृत्यु और अधिक आश्चर्यजनक बनी।
आपातकालीन प्रतिक्रिया और एफबीआई की भागीदारी
इंडिपेंडेंट के अनुसार, आपातकालीन कर्मियों ने ग्रैहम के वॉशिंगटन घर में हृदय ठहराव की सूचना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। टेमज़ द्वारा प्रकाशित तस्वीरों में ग्रैहम को स्ट्रेचर पर ले जाते हुए दिखाया गया है, जहाँ पैरामेडिक ने तत्काल उपचार किया। बाद में एफबीआई ने स्थानीय अधिकारियों को सहयोग देने की पुष्टि की, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह सहयोग क्यों आवश्यक है।
परिणाम और भविष्य की दिशा
ग्रैहम का निधन अमेरिकी कांग्रेस में एक महत्वपूर्ण क्षति है, विशेषकर विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए। उनके परिवार ने प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद कहा और इस कठिन समय में गोपनीयता की अपील की। भविष्य में उनके स्थान पर कौन आएगा, यह राजनीतिक समीक्षकों के बीच चर्चा का विषय रहेगा।