प्राकाशम और मार्कापुरम जिलों में आयोजित जिला समीक्षा समिति (DRC) बैठक में जल सुरक्षा को लेकर एल नीनो के प्रभाव को रोकने के निर्देश दिए गए। मंत्रियों ने जल‑स्रोत संरक्षण, कृषि‑सिंचाई और बुनियादी ढाँचे के सुधार पर तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • एल नीनो के संभावित प्रभाव को रोकने के लिए जल सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।
  • मार्कापुरम को होर्टिकल्चर हब बनाने और वेलिगोंडा प्रोजेक्ट के लाभ को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
  • पाइपलाइन कार्य और सड़कों की मरम्मत में ठेकेदारों को जवाबदेह ठहराया गया।

अंगोल में प्राकाशम भवन में बुधवार को आयोजित जिला समीक्षा समिति (DRC) बैठक में एंडोवमेंट्स मंत्री एवं प्राकाशम‑मार्कापुरम के इंचार्ज मंत्री अनाम रामनारायण रेड्डी ने एल नीनो की संभावित जल‑संकट को लेकर अधिकारियों को सटीक कार्यवाही के निर्देश दिये। यह बैठक राज्य के ऊर्जा, सामाजिक कल्याण, और पुलिस विभाग के प्रतिनिधियों सहित कई विधायक और जिला कलेक्टरों की भागीदारी से सम्पन्न हुई।

एल नीनो के कारण जल‑संकट की आशंका

वर्तमान एल नीनो स्थितियों में वर्षा में कमी और जल‑स्रोतों के स्तर में गिरावट की संभावना पैदा हुई है। इस संदर्भ में मंत्री ने बताया कि जल‑टैंक से मछली पकड़ना अब उचित नहीं, क्योंकि इससे जल की बर्बादी और निकटवर्ती गाँवों में भू‑जल स्तर घटता है। साथ ही, पीने के जल के पाइपलाइन कार्य के दौरान खोदे गये सड़कें ठीक से पुनःस्थापित नहीं हो रही हैं, जिससे ग्रामीण परिवहन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

मार्कापुरम को होर्टिकल्चर हब बनाने की पहल

राज्य सरकार मार्कापुरम को एक होर्टिकल्चर केंद्र में बदलने की योजना पर काम कर रही है। इस दिशा में किसानों को आधुनिक स्प्रिंकलर प्रणाली और आवश्यक उपकरण प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे जल‑संसाधनों का कुशल उपयोग सुनिश्चित हो सके। मंत्री ने कहा, “वेलिगोंडा जल‑परियोजना के लाभ को जनता तक पहुँचाना हमारा मुख्य लक्ष्य है।” आगे की DRC बैठकें दोनों जिलों में अलग‑अलग आयोजित की जाएँगी, ताकि प्रत्येक क्षेत्र की विशिष्ट आवश्यकताओं पर गहराई से चर्चा की जा सके।

बुनियादी ढाँचे में सुधार और जवाबदेही

ऊर्जा मंत्री गोटीपती रवि कुमार ने ठेकेदारों को सख़्त जवाबदेह बनाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि जल‑पाइपलाइन कार्य के बाद सड़कों की पुनःस्थापना पूरी नहीं हो रही, जिससे ग्रामीण इलाकों में यात्रा में बाधा उत्पन्न हो रही है। इसी प्रकार, सामाजिक कल्याण मंत्री डॉ. डोला श्री बाला वीरंजनिया स्वामी ने कहा कि वन विभाग की सक्रियता से भूमि को राजस्व विभाग को सौंपकर औद्योगिक विकास के लिए उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने बापुजी कॉलोनी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को पार करने के लिए तीन किलोमीटर तक चलना पड़ने की समस्या को भी उजागर किया, और तुरंत समाधान का आदेश दिया।

आगे की राह

एल नीनो के संभावित प्रभाव को कम करने के लिए जल‑सुरक्षा को प्राथमिकता देना अब सिर्फ एक घोषणात्मक कदम नहीं, बल्कि नीति‑निर्माताओं, कार्यान्वयन एजेंसियों और स्थानीय समुदायों के बीच सामरिक सहयोग की आवश्यकता है। जल‑स्रोतों की रक्षा, बुनियादी ढाँचे का पुनर्निर्माण और कृषि‑सिंचाई में आधुनिक तकनीकों का उपयोग, इन सबके बिना सतत विकास की कल्पना करना कठिन रहेगा।