कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना द्वारा भारतीय सैनिकों की गश्त रोकने की खबरों पर जवाब मांगा है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर सच्चाई छिपाने का आरोप लगाया है।

मुख्य बातें

  • कांग्रेस ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ और पेट्रोलिंग पर रोक की खबरों पर सरकार से जवाब मांगा है।
  • मल्लिकार्जुन खड़गे ने गलवान घाटी की घटना का हवाला देते हुए सरकार की नीयत पर सवाल उठाए।
  • राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार सीमा पर हो रही वास्तविक स्थिति को छिपाने की कोशिश कर रही है।
  • चीन ने सीमा पर स्थिति को 'सामान्य' बताया है, जबकि कांग्रेस ने स्थानीय समुदायों की पहुंच पर चिंता जताई है।

कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से देश को यह बताने की मांग की है कि क्या चीन ने वास्तव में अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारतीय सैनिकों की गश्त (patrolling) रोक दी है। यह मांग ऐसे समय में आई है जब ऊपरी सुबनसिरी क्षेत्र में चीनी सेना की आक्रामक गतिविधियों की खबरें सामने आ रही हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, "गलवान के बाद, अब अरुणाचल प्रदेश? परेशान करने वाली खबरें संकेत दे रही हैं कि चीन हमारे राष्ट्र के अविभाज्य अंग अरुणाचल प्रदेश के क्षेत्रों में और आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है।" उन्होंने 2020 के गलवान संघर्ष का उल्लेख करते हुए सरकार की पिछली प्रतिक्रियाओं पर भी सवाल उठाए।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सीमा सुरक्षा केवल सैन्य मामला नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है। यदि चीन वास्तव में रणनीतिक बिंदुओं पर भारतीय पहुंच को बाधित कर रहा है, तो यह भारत की संप्रभुता और LAC (वास्तविक नियंत्रण रेखा) के प्रबंधन के लिए एक गंभीर चुनौती है।

"सीमा पर चीन की बदलती रणनीति और भारतीय गश्त पर इसके प्रभाव को लेकर सरकार की चुप्पी जनता के बीच अनिश्चितता पैदा कर सकती है।"

खड़गे ने विशिष्ट सवाल पूछते हुए पूछा कि क्या पीएलए (PLA) ने तक्सिंग के पास अपनी उपस्थिति बढ़ा दी है और क्या भारत ने शेरा-5 जैसे निर्धारित पेट्रोलिंग पॉइंट तक अपनी नियमित पहुंच खो दी है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि संवेदनशील क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान भारतीय गश्त सीमित क्यों हो जाती है, जबकि चीनी सेना साल भर वहां मौजूद रहती है?

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद दशकों पुराना है। 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर रहा है। तब से लेकर अब तक, LAC पर स्थिति को लेकर समय-समय पर विरोधाभासी रिपोर्टें आती रही हैं, जिससे सुरक्षा विशेषज्ञों के बीच चिंता बनी रहती है।

क्या आप जानते हैं?: अरुणाचल प्रदेश भारत का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक राज्य है, जिसकी सीमा चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र से लगती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. कांग्रेस ने सरकार से क्या सवाल किए हैं?
कांग्रेस ने पूछा है कि क्या चीन ने अरुणाचल में भारतीय गश्त रोकी है और क्या सरकार सीमा पर वास्तविक स्थिति छिपा रही है।

2. चीन का इस पर क्या रुख है?
चीन ने सीमा पर स्थिति को 'सामान्य' बताया है, लेकिन भारतीय सेना की गतिविधियों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।