यदगिरिगुड़ा स्थित लाक़्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर का नया ट्रस्ट बोर्ड शनिवार को शपथ ग्रहण कर आधिकारिक रूप से कार्यभार संभाल गया। मंत्री, सांसद और स्थानीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित समारोह में बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्य शपथ लेते हुए भविष्य की योजनाओं की घोषणा की।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • नए बोर्ड ने शपथ ली
  • मुख्य मंत्री और सांसद ने समारोह में भाग लिया
  • भक्तों के लिए बेहतर सुविधाओं का वादा

यदगिरिगुड़ा, तेलंगाना – यदगिरिगुड़ा लाक़्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर के नव-निर्वाचित ट्रस्ट बोर्ड ने शनिवार को मंदिर परिसर में आयोजित शपथ समारोह में आधिकारिक रूप से पदभार संभाला। इस समारोह में अंत्येष्टि एवं वन मंत्री कोन्दा सूरेखा, भुवनागिरी सांसद चमला क़िरण कुमार रेड्डी और सरकारी व्हिप बीरला इलाईह सहित कई प्रमुख राजनैतिक हस्तियों ने भाग लिया।

पृष्ठभूमि और महत्व

यदगिरिगुड़ा, जो दक्षिणी भारत के प्रमुख धामों में से एक माना जाता है, हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। लाक़्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर का प्रबंधन पहले एक सरकारी नियुक्त ट्रस्ट द्वारा किया जाता था, परन्तु हाल के वर्षों में प्रशासनिक सुधारों की आवश्यकता को देखते हुए नया ट्रस्ट बोर्ड गठित किया गया। यह बोर्ड न केवल मंदिर के धार्मिक कार्यों को संभालेगा, बल्कि यात्रियों के लिए आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा और सतत विकास के उपायों को भी लागू करेगा।

नवीनतम ट्रस्ट बोर्ड का गठन

शपथ ग्रहण समारोह में मनने सत्यनारायण रेड्डी (MSN रेड्डी) ने अध्यक्ष के रूप में शपथ ली। अन्य सदस्य जिनमें कोनीडेला सुरेश, जी. विनोद वेंकटस्वामी, चिलप्पुगड़ी विजयराजम, विजयेंन्द्र तुल्ला, पोचाबोयना ईश्वरम्मा यादव, गुंडु मल्लीह, स्वाति कंथामनी, एम. राघवेंद्र राव और डी. लक्ष्मीनारायण नायक शामिल हैं। सभी ने शपथ लेते समय मंदिर के विकास, प्रबंधन की पारदर्शिता और भक्तों के हित में कार्य करने का वचन दिया।

भक्तों और स्थानीय समुदाय की उम्मीदें

समारोह में उपस्थित मंदिर कार्यकारी अधिकारी भावानी शंकर ने बताया कि बोर्ड के कार्यकाल में शौचालयों का आधुनिकीकरण, पवित्र जल स्रोतों की सुरक्षा, और डिजिटल पंजीकरण प्रणाली के माध्यम से याचिका प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। स्थानीय नेताओं ने भी बोर्ड को आश्वासन दिया कि वे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में मंदिर की भूमिका को सुदृढ़ करेंगे।

आगे का रास्ता

भविष्य में, इस ट्रस्ट बोर्ड से अपेक्षा की जा रही है कि वह मंदिर के वार्षिक कार्यक्रमों जैसे अंबुज्यानी, रथ यात्रा और अन्य धार्मिक उत्सवों को बेहतर योजना और सुरक्षा के साथ आयोजित करे। साथ ही, पर्यटकों और स्थानीय व्यापारियों के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर यदगिरिगुड़ा को एक संपूर्ण पर्यटन हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाएगा।