पूर्व भारतीय फुटबॉल कप्तान भाउचुंग भुटिया ने इजिप्ट बनाम अर्जेंटीना मैच में रेफ़री के निर्णयों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि VAR पूरी तरह से त्रुटिरहित नहीं है, लेकिन सही फैसला लेने में मदद करता है।
पूर्व भारत फुटबॉल कप्तान भाउचुंग भुटिया ने हाल ही में आयोजित एक टॉक शो में इजिप्ट बनाम अर्जेंटीना विश्वकप क्वार्टर‑फ़ाइनल में रेफ़री के निर्णयों के बारे में स्पष्ट शब्द बोले। भुटिया ने कहा कि रेफ़री ने मैच के दौरान किए गए कई निर्णय उचित थे और खिलाड़ियों को अनुचित रूप से नहीं डांटा गया।
VAR की सीमाएँ और संभावनाएँ
भुटिया ने यह भी स्वीकार किया कि वीडियो असिस्टेड रेफ़री (VAR) प्रणाली अभी भी विकासशील चरण में है। उन्होंने बताया कि VAR के प्रयोग में तकनीकी गड़बड़ियों, संचार में त्रुटियों और समय‑सीमा से जुड़ी समस्याएँ अक्सर सामने आती हैं, जिससे कुछ फैसले विवादित हो सकते हैं। फिर भी, उन्होंने कहा कि VAR का मुख्य उद्देश्य रेफ़री को स्पष्ट त्रुटियों से बचाना है, न कि हर छोटी‑छोटी गलती को सुधारना।
इजिप्ट‑अर्जेंटीना मैच में प्रमुख क्षण
इजिप्ट और अर्जेंटीना के बीच खेला गया यह मैच कई मायनों में नाटकीय रहा। दोनों टीमों ने कई बार गोल करने की कोशिश की, पर रेफ़री के निर्णयों ने खेल की दिशा तय की। भुटिया ने विशेष रूप से एक क्षण का उल्लेख किया जहाँ अर्जेंटीना के खिलाड़ी को ऑफ़साइड बताया गया, जिसे VAR ने पुष्टि किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निर्णय खेल के संतुलन को बनाए रखने में मदद करते हैं।
भुटिया का संदेश युवा खिलाड़ियों के लिए
भुटिया ने इस अवसर पर युवा फुटबॉल खिलाड़ियों को भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को तकनीकी नियमों, VAR की कार्यवाही और रेफ़री की भूमिका को समझना चाहिए। “खेल का सम्मान तभी संभव है जब सभी पक्ष—खिलाड़ी, कोच, रेफ़री और दर्शक—एक-दूसरे के अधिकारों को समझें,” भुटिया ने जोर दिया।
भविष्य में VAR सुधार की दिशा
भुटिया ने सुझाव दिया कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल संघ (FIFA) को VAR की तकनीकी क्षमताओं को और मजबूत करने के लिए निवेश जारी रखना चाहिए। इसके साथ ही, रेफ़री को बेहतर प्रशिक्षण और संचार उपकरण प्रदान करना आवश्यक है, ताकि खेल के दौरान निर्णय अधिक पारदर्शी और तेज़ हो सकें।