फ़्रांस ने बोस्टन के गिलेट स्टेडियम में मोरक्को को 2-0 से पराजित कर सेमीफ़ाइनल में जगह पक्की की। किलियन मैबापे ने अपना आठवां गोल करके मसी के साथ गोल्डन बूट रेस में बराबरी की, जबकि औस्मान डेम्बेले ने दूसरा गोल किया।

बोस्टन के गिलेट स्टेडियम में 2026 FIFA विश्व कप के क्वार्टर‑फ़ाइनल में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से मात दी, जिससे लेस ब्लू ने सेमीफ़ाइनल में जगह पक्की की। किलियन मैबापे ने 60वें मिनट में अपना आठवां गोल किया और केवल छह मिनट बाद औस्मान डेम्बेले को असिस्ट करके टीम को दो गोलों का दोहरा लाभ दिलाया।

मैबापे का गोल्डन बूट रेस

मैबापे का यह गोल मसी के साथ गोल्डन बूट प्रतियोगिता में बराबरी कराता है, जहाँ दोनों खिलाड़ियों ने टूनामेंट में आठ‑आठ गोल किए हैं। यह बराबरी न केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों को रेखांकित करती है, बल्कि फ्रांस की आक्रमण शक्ति को भी उजागर करती है, जो विश्व कप के इतिहास में सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों में गिनी जाती है।

पहला हाफ: अवसरों का टकराव

पहले हाफ में दोनों टीमों ने बराबर गेंद का नियंत्रण रखा, लेकिन फ्रांस ने अधिक स्पष्ट खतरे पैदा किए। 28वें मिनट में मैबापे को एक पेनल्टी दिया गया, लेकिन मोरक्को के गोलकीपर यासीन बुनौ ने इसे सहजता से बचा, जिससे फ्रांस को शुरुआती शोरगुल में एक मौका मिला लेकिन लक्ष्य नहीं मिला। VAR द्वारा पेनल्टी की तीन मिनट की जाँच ने खेल को अस्थायी रूप से रोक दिया, जिससे दर्शकों को तनावपूर्ण माहौल मिला।

दूसरा हाफ: फ्रांस की बढ़त

दूसरे हाफ की शुरुआत में मोरक्को ने कुछ सकारात्मक खेल दिखाया, लेकिन 60वें मिनट में मैबापे ने बायो के बाएँ तरफ से एक कर्लर मारकर बुनौ को मात दी और 1-0 की बढ़त हासिल की। केवल छह मिनट बाद, मैबापे ने डेम्बेले को पास दिया, जिससे वह दायें किनारे से शॉट मार कर दोहरा गोल कर गया। बुनौ ने पहले शॉट को बचाया, लेकिन दूसरा शॉट गोलपोस्ट को पार कर जाल में गिरा।

रक्षात्मक क्षण और भविष्य की राह

मोरक्को ने बाद में एक संभावित गोल के करीब पहुंचा जब फ्रांस के डायोट उपामेकानो ने एक क्लियरेंस को गलत किया, जिससे बॉल गोलकीपर माइक मैग्नन के ऊपर से कूद गया, पर अंत में यह कोने में बदल गया। फ्रांस अब स्पेन और बेल्जियम के बीच के क्वार्टर‑फ़ाइनल विजेता से मिलने वाला है, जो अगले चरण में उनके तीसरे विश्व कप खिताब की दौड़ को और तीव्र करेगा।

यह जीत फ्रांस की टीम के आत्मविश्वास को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी, जबकि मोरक्को को इस हार से सीख लेकर भविष्य के टूर्नामेंटों में सुधार की जरूरत होगी।