फ्रांस की 2-0 से क्वार्टर‑फ़ाइनल जीत के बाद मोरक्को की टीम को बाहर निकालने पर लंदन के एजवायर रोड पर समर्थकों ने पुलिस से झड़प की, धूम्रपान, पटाखे और ट्रैफ़िक जाम का माहौल बना।

फ्रांस के 2-0 से क्वार्टर‑फ़ाइनल जीतने के बाद मोरक्को की टीम का वर्ल्ड कप से बाहर होना लंदन के मध्य‑शहर में हिंसक प्रदर्शनों को जन्म दिया। एजवायर रोड के आसपास तैनात राइऑट पुलिस को बैनर, पताकें और आतिशबाज़ी के साथ विरोधियों ने घेर लिया, जिससे सड़कों पर ट्रैफ़िक पूरी तरह रुक गया।

घटना का विस्तृत विवरण

मैच के अंतिम सिग्नल के बाद बड़ी भीड़ ने एजवायर रोड पर इकट्ठा होना शुरू किया। कुछ समर्थकों ने सार्वजनिक वाहनों पर चढ़कर धूम्रपान और फायरवर्क फेंके, जबकि अन्य ने बोतलें और पत्थर जैसी वस्तुएँ पुलिस की पंक्तियों की ओर फेंकीं। कई वीडियो में हेलमेट और सुरक्षा कपड़े पहने राइऑट पुलिस को धुंए में आगे बढ़ते दिखाया गया, जबकि मोरक्को के ध्वज धारण करने वाले लोग वाहनों के चारों ओर इकट्ठा होकर विरोध जारी रखे।

पुलिस की प्रतिक्रिया और चोटें

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राइऑट इकाइयों को तेज़ी से तैनात किया गया। एक पुलिस अधिकारी को चोट लगने की सूचना मिली; वह दो पुलिस वाहनों के बीच सड़क पर लेटा हुआ मिला, जहाँ तत्काल पैरामेडिक मदद पहुंची और बाद में अस्पताल ले जाया गया। चोट की गंभीरता और कारण अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुए हैं।

गिरफ़्तारी और आगे की जांच

अधिकारी अभी तक कुल गिरफ़्तारी की संख्या या संभावित आरोपों की जानकारी नहीं दे पाए हैं। पुलिस ने कहा है कि वे घटनाक्रम, घायल लोगों की संख्या और संभावित कानूनी कार्रवाई पर विस्तृत रिपोर्ट जारी करेंगे।

पैरिस के साथ तुलना

इसी दौरान पेरिस में भी संभावित अशांति की आशंका थी, परन्तु फ्रांसीसी सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर 20,000 पुलिस को तैनात कर, विशेषकर पेरिस में 8,000 अधिकारियों को केंद्रित किया। परिणामस्वरूप पेरिस में अधिकांशतः शांति बनी रही, केवल कुछ छोटे‑छोटे टकराव ही दर्ज हुए।

मोरक्को की टीम ने 2022 में अफ्रीकी टीमों के बीच पहली बार सेमीफ़ाइनल तक पहुंचने का इतिहास बना रखा था। इस बार उनका प्रदर्शन फिर से अफ्रीका और यूरोप में बड़ी चर्चा का विषय बना, परन्तु लंदन और नीदरलैंड में हुए विरोधों ने उत्सव को धूमिल कर दिया।