अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्केलोनी ने फीफा द्वारा अपनी टीम का पक्ष लेने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। स्विट्जरलैंड के खिलाफ होने वाले क्वार्टर फाइनल मैच से पहले उन्होंने कहा कि उनकी टीम बाहरी आलोचनाओं को एक सकारात्मक 'विद्रोह' के रूप में इस्तेमाल करती है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- लियोनेल स्केलोनी ने अर्जेंटीना का पक्ष लेने के फीफा पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया।
- मिस्र (Egypt) के खिलाफ राउंड ऑफ 16 मैच में वीएआर (VAR) विवाद के बाद सोशल मीडिया पर पक्षपात के आरोप तेज हुए थे।
- स्केलोनी का कहना है कि बाहरी आलोचनाएं खिलाड़ियों को मैदान पर और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती हैं।
डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना शनिवार शाम को फीफा विश्व कप के आखिरी क्वार्टर फाइनल मुकाबले में स्विट्जरलैंड से भिड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस महामुकाबले से पहले, टीम के मुख्य कोच लियोनेल स्केलोनी ने सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है, जिनमें आरोप लगाया गया है कि फीफा अर्जेंटीना को फायदा पहुंचा रहा है। राउंड ऑफ 16 में मिस्र के खिलाफ मिली रोमांचक जीत के बाद से ही ये आरोप सोशल मीडिया पर लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं।
आलोचना को हथियार बनाने की रणनीति
मैच से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्केलोनी ने कहा, "चूंकि हम पिछला विश्व कप जीते हैं, इसलिए बहुत से लोग ऐसे हो सकते हैं जो नहीं चाहते कि हम फिर से जीतें। हम इस बात को अच्छी तरह समझते हैं और इसे ध्यान में रखते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के बाहरी शोर और नकारात्मक बयानों से खिलाड़ियों का मनोबल टूटता नहीं, बल्कि और मजबूत होता है। स्केलोनी ने कहा, "हम इन आलोचनाओं का उपयोग खुद को साबित करने और मैदान पर एक सकारात्मक 'विद्रोह' (rebellion) खड़ा करने के लिए करते हैं ताकि खिलाड़ी और बेहतर खेल सकें।"
मिस्र के खिलाफ वीएआर (VAR) विवाद
फीफा द्वारा पक्षपात किए जाने के ये आरोप राउंड ऑफ 16 में मिस्र के खिलाफ अर्जेंटीना की नाटकीय जीत के बाद और तेज हो गए थे। विवाद तब शुरू हुआ जब मैच के 60वें मिनट में मिस्र के एक गोल को वीएआर (VAR) समीक्षा के बाद खारिज कर दिया गया। रेफरी ने पाया कि गोल की शुरुआत में मिस्र के खिलाड़ी ने लिसैंड्रो मार्टिनेज पर फाउल किया था। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने फीफा पर अर्जेंटीना का पक्ष लेने का आरोप लगाना शुरू कर दिया, जिसे स्केलोनी ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
पहले भी खारिज किए हैं ऐसे दावे
यह पहली बार नहीं है जब स्केलोनी को इन आरोपों का सामना करना पड़ा है। इससे पहले केप वर्डे के खिलाफ मैच से पहले भी उन्होंने इन दावों को बेबुनियाद बताया था। उन्होंने कहा था, "आज के दौर में सोशल मीडिया पर कोई भी बिना किसी ठोस आधार के कुछ भी पोस्ट कर देता है, जिसे बड़ा मुद्दा बना दिया जाता है। हम ऐसी बातों पर ध्यान नहीं देते।" उन्होंने स्पष्ट किया कि अर्जेंटीना हमेशा से बड़े टूर्नामेंटों का मुख्य आकर्षण रहा है, इसलिए टीम को लेकर हमेशा चर्चाएं होती रहती हैं।
स्विट्जरलैंड के खिलाफ बड़ी चुनौती
स्विट्जरलैंड के खिलाफ होने वाला आगामी मुकाबला अर्जेंटीना के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। स्विस टीम अपनी मजबूत रक्षापंक्ति और अनुशासित खेल के लिए जानी जाती है। ऐसे में स्केलोनी की टीम को न केवल मानसिक रूप से मजबूत रहना होगा, बल्कि मैदान पर भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। बाहरी दबाव को प्रेरणा में बदलने की स्केलोनी की यह रणनीति इस नॉकआउट मुकाबले में कितनी कारगर साबित होती है, यह देखना दिलचस्प होगा।