2026 विश्व कप के क्वार्टर‑फ़ाइनल में स्विट्ज़रलैंड के खिलाफ मुकाबले से पहले अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने FIFA के पक्षपात के आरोपों को खारिज किया और कहा कि विरोधी उनका मोटिवेशन बढ़ा रहे हैं।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- स्कालोनी ने FIFA के पक्षपात के आरोपों को अस्वीकार किया
- अर्जेंटीना का 3-2 comeback जीत विवादास्पद रेफ़री निर्णयों से घिरा
- कोच ने आलोचना को टीम की प्रेरणा में बदलने का जिक्र किया
दुर्लभ 2026 फीफा विश्व कप में अर्जेंटीना को कोच लियोनेल स्कालोनी ने क्वार्टर‑फ़ाइनल में स्विट्ज़रलैंड के खिलाफ अपनी टीम की रक्षा में तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि FIFA द्वारा ‘पक्षपात’ का आरोप निराधार है और यह विरोधी देशों की निराशा है जो अर्जेंटीना को दो बार जीतते देखना नहीं चाहते।
पिछला इतिहास और वर्तमान विवाद
स्कालोनी ने याद दिलाते हुए कहा, “1986 से अब तक 40 साल हो गए, तब भी हमें पक्षपात का आरोप लगा था। यह नई बात नहीं है।” उन्होंने यह भी बताया कि अर्जेंटीना हमेशा टूर्नामेंट में चर्चा का केंद्र रहा है, चाहे जीत हो या हार। इस बार विवाद तब शुरू हुआ जब अर्जेंटीना ने राउंड‑ऑफ‑16 में इजिप्ट को 3‑2 से उलट कर जीत हासिल की। दो शुरुआती गोलों के बाद, क्रिस्टियन रोमियो, लियोनेल मेसी और एंज़ो फ़र्नांडीज़ ने क्रमशः गोल करके मैच को बदल दिया।
रिव्यू और रेफ़री के फैसले
फ़्रांसीसी रेफ़री फ्रांकोइज़ लेटेसीयर ने इजिप्ट के एक संभावित गोल को VAR के लंबी समीक्षा के बाद रद्द कर दिया, और बाद में मोहम्मद सालाह के पेनल्टी अपील को खारिज कर दिया। इस पर इजिप्ट फ़ुटबॉल एसोसिएशन (EFA) ने FIFA को आधिकारिक शिकायत दर्ज की, जिसमें रेफ़री के “स्पष्ट पक्षपात” का आरोप लगाया गया। इजिप्ट के मुख्य कोच होसाम हसन ने कहा, “हमारे खिलाड़ी ने अपना खून बहाया, लेकिन यह सब पैसा है, वे मेसी को टूनमेंट में रखना चाहते हैं।”
स्कालोनी की प्रतिक्रिया और टीम का मनोबल
बाहरी आलोचना के बावजूद, स्कालोनी ने बताया कि उनके खिलाड़ी इस ‘नकारात्मक’ शोर को ऊर्जा में बदल रहे हैं। “हम आलोचना को बगाव के रूप में इस्तेमाल करते हैं, जिससे खिलाड़ियों को और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है,” उन्होंने कहा। साथ ही उन्होंने VAR की विश्वसनीयता पर भरोसा जताते हुए कहा, “VAR के साथ धोखा देना बहुत कठिन है, उनके पास दोहराने की कोई गुंजाइश नहीं है।”
आगे का रास्ता
स्विट्ज़रलैंड के खिलाफ़ आगामी मैच में अर्जेंटीना का लक्ष्य है कि वे अपने विरोधियों को मैदान पर ही चुप कर दें। स्कालोनी का मानना है कि टीम का ‘बगाव’ और ‘उत्साह’ उन्हें जीत की ओर ले जाएगा, जबकि FIFA को अपने निर्णयों में पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए। इस परिप्रेक्ष्य में, यह क्वार्टर‑फ़ाइनल न केवल खेल का परीक्षण होगा, बल्कि वैश्विक फुटबॉल प्रशंसकों के बीच पक्ष‑पात के मुद्दे को भी उजागर करेगा।