फ़िफ़ा विश्व कप के ग्लोबल उत्सव में कुछ अनोखे जानवरों ने भी धूम मचा दी। मेक्सिकन बत्तख मर्लिन, पॉल ऑक्टोपस और कई अन्य ने अपनी आकर्षक उपस्थिति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • मर्लिन बत्तख ने मेक्सिको के उद्घाटन मैच में इंटरनेट सनसनी बना दी
  • पॉल ऑक्टोपस ने 2010 में 8 मैचों की भविष्यवाणी सही की
  • जानवरों की भागीदारी ने फुटबॉल उत्सव में नया रंग जोड़ा

फ़िफ़ा विश्व कप सिर्फ़ फुटबॉल का मैदान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक मिलन स्थल भी है। इस बार 2026 के आयोजन में कई अनपेक्षित मेहमान—वास्तविक जानवर—भी दर्शकों के बीच चर्चा का केंद्र बन गए। इनकी कहानी न केवल खेल‑प्रेमियों को, बल्कि पशु‑प्रेमियों को भी आकर्षित करती है।

मर्लिन बत्तख: मेक्सिको का अनौपचारिक मसकॉट

जुड़वां जर्सी में सजी 2‑साल की बत्तख मर्लिन ने 11 जून को दक्षिण अफ़्रीका के खिलाफ मेक्सिको की जीत के बाद सोशल मीडिया पर धूम मचा दी। दो दिनों में ही वह इंटरनेट पर वायरल हो गई, राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबॉम के राष्ट्रीय महल में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित हुई और आधिकारिक रूप से मेक्सिको का विश्व कप एंबेसडर घोषित हुई। हालांकि फ़िफ़ा के नियमों के कारण उसे स्टेडियम में प्रवेश नहीं मिला, फिर भी उसकी तस्वीरें और फैन‑आर्ट्स ने दुनिया भर में शेयर की गईं।

ओसिटो कुत्ता: शैली में भीड़ को मात

8‑साल का मैक्सिकन पूडल मिश्रित कुत्ता ओसिटो ने भीड़ में अपनी शैली से सबका ध्यान खींचा। धूप के चश्मे, मेक्सिकन जर्सी, टोपी और बैकपैक पहनकर वह कार्गो साइकिल पर सवार होकर स्टेडियम के बाहर आया। ओसिटो की यह प्रस्तुति टीम मैक्सिको के प्रशंसकों की सूची को और भी आकर्षक बना दी। दुर्भाग्यवश, मैक्सिको ने राउंड‑ऑफ़ में इंग्लैंड से हार कर टूर्नामेंट से बाहर हो गया।

पॉल ऑक्टोपस: भविष्यवाणी का गॉडफादर

जर्मनी के सी‑लाइफ़ सेंटर में रहने वाला सामान्य ऑक्टोपस पॉल 2010 विश्व कप में 8 मैचों की सही भविष्यवाणी कर इतिहास रच गया। प्रत्येक टीम के झंडे वाले शंखों में से सही शंख चुनकर वह विजेता बताता था। पॉल की सटीकता ने उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक आइकन बना दिया, यहाँ तक कि स्पेन के प्रधानमंत्री ने उसे सुरक्षा प्रदान करने का वचन दिया। पॉल की मृत्यु 2015 में प्राकृतिक कारणों से हुई, पर उसकी विरासत आज भी जीवंत है।

अचिलीस बिल्ली: रूसी भविष्यवक्ता

रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में स्थित हर्मिटेज़ संग्रहालय में रहने वाली नीली‑आँखों वाली बधिर बिल्ली अचिलीस ने 2018 विश्व कप में अपनी भविष्यवाणी कला दिखाई। वह दो बाउल में रखे भोजन में से जीतने वाली टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले बाउल को चुनती थी। पॉल की तरह अचिलीस ने हर बार सही भविष्यवाणी नहीं की, पर उसकी आकर्षक उपस्थिति ने दर्शकों के दिलों में जगह बना ली।

इन जानवरों की भागीदारी ने दर्शकों को याद दिलाया कि खेल केवल मानवों का नहीं, बल्कि प्रकृति की विविधता का भी जश्न है। FIFA ने आधिकारिक तौर पर जानवरों को स्टेडियम में प्रवेश नहीं दिया, पर सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता ने यह सिद्ध कर दिया कि एक प्यारा पंख या पूँछ भी विश्व स्तर के उत्सव को और रंगीन बना सकता है।